'काश मैं वहां होता...'- शारजाह में आयोजित खास कार्यक्रम में गैरमौजूदगी को लेकर निराश हुए सचिन तेंदुलकर - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘काश मैं वहां होता…’- शारजाह में आयोजित खास कार्यक्रम में गैरमौजूदगी को लेकर निराश हुए सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर के 100 अंतरराष्ट्रीय शतक में से 7 शतक शारजाह में जड़े हैं।

Sachin Tendulkar Stand (Photo Source: Twitter)
Sachin Tendulkar Stand (Photo Source: Twitter)

विश्व क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने 24 अप्रैल को अपना 50वां जन्मदिन सेलिब्रेट किया था। शारजाह क्रिकेट स्टेडियम ने सचिन तेंदुलकर के बर्थडे पर उन्हें एक खास गिफ्ट दिया। दरअसल शारजाह स्टेडियम ने सचिन तेंदुलकर को उनके नाम पर एक स्टैंड का नामकरण कर उन्हें सम्मानित किया है।

शारजाह क्रिकेट स्टेडियम के वेस्ट स्टैंड को सचिन तेंदुलकर स्टैंड का नाम दिया गया है। इस खास मौके के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें शारजाह क्रिकेट सीईओ खलाफ बुखातिर मौजूद थे। लेकिन तेंदुलकर किसी कारणवश उस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे। कार्यक्रम में अपनी गैरमौजूदगी पर सचिन तेंदुलकर ने निराशा जाहिर की है।

शारजाह में खेलना हमेशा एक शानदार अनुभव रहा है- सचिन तेंदुलकर

आपको बता दें शारजाह क्रिकेट स्टेडियम से सचिन तेंदुलकर का गहरा नाता है। अपने अंतरराष्टीय करियर के 100 शतकों में से 7 शतक तेंदुलकर ने यहां जड़े हैं। 22 अप्रैल 1998 में मास्टर ब्लास्टर तेंदुलकर ने ट्राई सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 143 रनों की पारी खेली थी।

जिसे डेजर्ट स्टॉर्म पारी के नाम से जाना जाता है, क्योंकि 25 मिनट के रेतीले आंधी के कारण उनकी बल्लेबाजी बाधित हुई थी। सचिन तेंदुलकर के शानदार प्रदर्शन के चलते भारत ने ट्रॉई सीरीज के फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। वहीं फिर 24 अप्रैल को अपने 25वें जन्मदिन के दिन सचिन तेंदुलकर ने 134 रनों की पारी खेली थी। जिसके चलते भारत ने टाइटल अपने नाम किया था।

शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित खास कार्यक्रम में शामिल ना होने पर सचिन तेंदुलकर ने इंडिया टूडे पर बात करते हुए कहा, ‘काश मैं वहां होता लेकिन दुर्भाग्य से पहले के कुछ कमिटमेंट थे। शारजाह में खेलना हमेशा एक शानदार अनुभव रहा है। उत्साहपूर्ण माहौल से लेकर प्यार, स्नेह और समर्थन तक, शारजाह भारतीय फैंस और दुनिया भर के खेल प्रेमियों के लिए एक विशेष स्थान रहा है। डेजर्ट स्टॉर्म की 25वीं वर्षगांठ और मेरे 50वें जन्मदिन पर इस तरह के जेस्चर के लिए बुखातिर और उनकी पूरी टीम का बहुत-बहुत धन्यवाद।’

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