WTC Final: टीम इंडिया के लिए ऑस्ट्रेलिया की गलतियां साबित हो रही हैं वरदान, रहाणे के बाद ठाकुर के लिए मसीहा बनी नो बॉल
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के तीसरे दिन के लंच ब्रेक तक टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया से 209 रन पीछे चल रही है।
अद्यतन - Jun 9, 2023 5:52 pm

आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इंग्लैंड के द ओवल में खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 469 रन बोर्ड पर लगाए थे। जिसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने दूसरे दिन के अंत तक 151 रनों पर 5 विकेट गंवा दिए थे। लेकिन अजिंक्य रहाणे और शार्दुल ठाुकर टीम इंडिया के लिए बखूबी जिम्मेदारी निभाते हुए नजर आ रहे हैं।
नो बॉल से चमकी टीम इंडिया की किस्मत
तीसरे दिन की शुरूआत में ही टीम इंडिया को झटका लगा था, जब केएस भरत 5 रन पर स्कॉट बोलैंड के हाथों पवेलियन लौट गए। जिसके बाद फिर अजिंक्य रहाणे और शार्दुल ठाकुर ने टीम इंडिया का कमान संभाला। रहाणे तीसरे दिन के लंच ब्रेक तक 89 और शार्दुल ठाकुर 36 रनों के साथ क्रीज पर मौजूद है। दोनों बल्लेबाजों के बीच शतकीय साझेदारी भी हो चुकी है।
खेल के 60वें ओवर के दौरान पैट कमिंस ने शार्दुल ठाकुर के लिए शानदार गेंद डाली। जिस पर अंपायर ने अपनी उंगली खड़ी कर दी और शार्दुल ठाकुर को आउट करार दिया। लेकिन फिर शार्दुल ठाकुर ने रिव्यू लिया और बॉल नो बॉल निकली। ऐसा दूसरी बार हुआ जब भारत की किस्मत मैदान में चमकी है।
इससे पहले खेल के दूसरे दिन में पैट कमिंस ने रहाणे के खिलाफ शानदार गेंद डाली थी। ऑनफील्ड अंपायर ने रहाणे को आउट करार दिया था। आपको बता दें रहाणे उस वक्त 17 रन पर थे, रहाणे ने रिव्यू लिया और फिर पता चला कि गेंद नो बॉल थी। रहाणे को दूसरे दिन जीवनदान मिला और वह शानदार खेल बरकरार रखते हुए नजर आ रहे हैं।
टॉप ऑर्डर के फेल होने के बाद रहाणे ने दिखाया जलवा
टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की पहली पारी में मात्र 71 रनों पर 4 विकेट गंवा चुकी थी। लेकिन फिर रवींद्र जडेजा और अजिंक्य रहाणे ने शानदार खेल दिखाया। रवींद्र जडेजा और रहाणे के बीच 80 रनों की मजबूत साझेदारी हुई। रवींद्र जडेजा ने 51 गेंदो में 48 रनों की पारी खेली।
भारत के लिए लंबे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी कर रहे, अजिंक्य रहाणे टीम के लिए संकटमोचक बनते हुए नजर आए। रहाणे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत के लिए अर्धशतक जड़ने वाले पहले खिलाड़ी भी बने हैं।