टीमों को सफल होने के लिए पारिवारिक माहौल की जरूरत नहीं है- आकाश चोपड़ा ने दिया अश्विन के बयान पर बड़ी प्रतिक्रिया
आकाश चोपड़ा ने बताया कि, उन्होंने (अश्विन) बिलकुल सही बात कही है, दरअसल टीमों को सफल होने के लिए पारिवारिक माहौल की जरूरत नहीं है।
अद्यतन - Jul 19, 2023 2:42 pm

इस साल जून में खेले गए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया में रविचंद्रन अश्विन को खेलने का मौका नहीं मिला था। जिसके बाद कई दिग्गज खिलाड़ियों ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। वहीं इस दौरान भारत के गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। दरअसल अश्विन ने कहा था कि, टीम में अब सब colleague हैं दोस्त कोई नहीं है।
बता दें पृथ्वी शॉ ने भी कुछ इसी तरह का बयान दिया था और कहा था कि उनके भी ज्यादा दोस्त नहीं हैं और वह जहां भी जाते हैं अकेले रहना पसंद करते हैं। वहीं इस बीच टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी आकाश चोपड़ा ने भी हाल ही में इसपर अपनी राय रखी है। दरअसल आकाश चोपड़ा का कहना है कि, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के खिलाड़ी एक-दूसरे को उतना पसंद नहीं करते लेकिन फिर भी जब भी वे खेलते हैं तो सफल होते हैं। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि किसी टीम की सफलता के लिए पारिवारिक माहौल जरुरी नहीं है।
टीमों को सफल होने के लिए पारिवारिक माहौल की जरूरत नहीं है- आकाश चोपड़ा
बता दें अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत करते हुए आकाश चोपड़ा ने बताया कि, उन्होंने (अश्विन) बिलकुल सही बात कही है। अगर आप एक सफल ऑस्ट्रेलियाई टीम को देखें तो वे वास्तव में एक-दूसरे को उतना पसंद नहीं करते थे, जो ठीक है, लेकिन मैदान में उतरते ही वे जीत दर्ज करते थे। ऐसा एक नहीं बल्कि कई टीमों में होता है। दरअसल टीमों को सफल होने के लिए पारिवारिक माहौल की जरूरत नहीं है।
उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा कि, मैंने दिल्ली के लिए कई साल तक खेला है। मेरे बेहद करीबी दोस्त भी उस ड्रेसिंग रूम का हिस्सा थे, लेकिन सबसे बड़ी भावना यह थी कि आप वहां अकेले हैं, अपना काम कर रहे हैं और हर कोई आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। यह कड़ी प्रतिस्पर्धा का माहौल था जहां आप चाहते हैं कि हर कोई रन बनाए लेकिन आप खुद उन सबसे ज्यादा रन बनाएं।
आकाश चोपड़ा ने आगे कहा कि, मैंने राजस्थान में विपरीत चीजें देखी जब मैं दो-तीन साल तक उनका हिस्सा था। वहां मैंने देखा कि जब उनके बगल वाला इंसान खुश था तो हर कोई खुश था। मैं जितने भी ड्रेसिंग रूम का हिस्सा रहा उनमें से इस टीम के ड्रेसिंग रूमों में सबसे खुशी का माहौल था। तो क्या अंतर है? दोनों बेहद सफल ड्रेसिंग रूम थे। दिल्ली शायद थोड़ी कम सफल रही क्योंकि हमने केवल एक रणजी ट्रॉफी जीती और राजस्थान ने लगातार दो साल जीते। आप या तो बेहद सफल ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होते हैं या ऐसे ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होते हैं जिसमें बहुत सारे सफल लोग हैं।
यहां पढ़ें : Ashes 2023: स्टीव स्मिथ ने एलेक्स कैरी के बाल कटवाने पर लिए मजे, सोशल मीडिया पर शेयर किया फोटो