जानिए 18 साल के राज लिम्बानी के बारे में, जो एक साधारण गांव से निकलकर क्रिकेट जगत में छा गए हैं
अद्यतन - Jan 31, 2024 5:52 pm

राज लिम्बानी इस वक्त अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जितनी धारदार उनकी गेंदबाजी है, उतनी ही दिलचस्प उनकी कहानी भी है। उन्होंने 18 अप्रैल, 2017 को सातवीं कक्षा की अपनी आखिरी परीक्षा दी और फिर अपने गांव दयापार को छोड़कर 550 किलोमीटर दूर वडोदरा चले गए। राज को उनके पिता के बड़े भाई मणिलाल पटेल ने ऐसा करने के लिए मनाया था।
बता दें कि राज के दयापार छोड़ने के कुछ समय पहले ही गुजरात राज्य सरकार में कर्मचारी पटेल ने अपने भतीजे के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने के लिए वडोदरा में ट्रांसफर लिया था। हालांकि, दोनों को ही खेल के बारे में या कहां से शुरू करें, इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
वहीं राज के मणिलाल पटेल के नए सरकारी क्वार्टर में शिफ्ट होने के बाद क्रिकेट की समझ रखने वाले एक फैमिली फ्रेंड ने सुझाव दिया कि वह पास के मोतीबाग क्रिकेट क्लब जाए।
बता दें कि मोतीबाग क्रिकेट क्लब देश के सबसे पुराने क्रिकेट मैदानों में से एक है और यहीं से भारत के दो सबसे लोकप्रिय ऑलराउंडर भाइयों की जोड़ी (यूसुफ पठान व इरफान पठान) और (हार्दिक पांड्या व क्रुणाल पांड्या) निकली है।
मैं गली क्रिकेट में टेनिस बॉल से तेज गेंदबाजी करता था- राज लिम्बानी
स्पोर्ट्सकीड़ा से खास बातचीत में राज लिम्बानी ने कहा, मैं गली क्रिकेट में टेनिस बॉल से तेज गेंदबाजी करता था। तब से मैं एक तेज गेंदबाज बनना चाहता था। मुझे अपनी गति से बल्लेबाजों को डराना पसंद था। जब मैं पहले दिन क्लब गया, तो उन्होंने मुझसे पूछा, तुम क्या हो?, मैंने कहा कि मैं एक तेज गेंदबाज हूं।
राज ने बातचीत में आगे बताया, मेरा एक्शन एकदम नेचुरल था। मैंने कभी भी लोडिंग-‘वोडिंग’ पर काम नहीं किया था। मेरे मेंटर्स ने [मोतीबाग में] मेरे गेंदबाजी के उस हिस्से को बेहतर बनाने में मदद की।
राज ने कहा, वह (इरफान पठान) एक दिन क्लब में प्रैक्टिस करने आए। मैंने उन्हें गेंदबाजी की और तेज गेंद फेंकी इसलिए वह कई बार बीट हुए। फिर उन्होंने पूछा, ‘यह गेंदबाज कौन है?’ फिर हमारे पास एनसीए बैंगलोर (जुलाई 2023) में एक हाई परफॉर्मेंस गेम था और वहां वह 10-12 दिनों तक हमारे साथ थे। तब से, वह जानते हैं कि यह लड़का बड़ौदा से है।