Frank Duckworth

टी-20 वर्ल्ड कप के बीच आई बुरी खबर, DLS नियम को बनाने वाले Frank Duckworth का हुआ निधन

DLS मेथड के को-इन्वेंटर फ्रैंक डकवर्थ का निधन 84 साल की उम्र में हुआ।

frank duckworth. (Photo Source: X(Twitter)
frank duckworth. (Photo Source: X(Twitter)

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) पद्धति के जन्मदाता फ्रैंक डकवर्थ की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है। शुक्रवार 21 जून को उन्होंने 84 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। डकवर्थ 2014 तक आईसीसी में सलाहकार स्टेटिशियन यानी सांख्यिकीविद् थे। इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा टी=20 लीग्स में बारिश से बाधित मैच का नतीजा निकालने के लिए डीएलएस मेथड का इस्तेमाल होता है।

आईसीसी के महाप्रबंधक वसीम खान ने फ्रैंक डकवर्थ के निधन पर कहा, “फ्रैंक एक टॉप स्टेटिशियन थे, जिनका सम्मान उनके साथियों के साथ-साथ क्रिकेट बिरादरी द्वारा भी किया जाता रहा है। उनके द्वारा सह-निर्मित डीएलएस मेथड समय की कसौटी पर खरा उतरा है।

हमने इसकी शुरुआत के दो दशक से भी अधिक समय बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसका उपयोग जारी रखा है। खेल में फ्रैंक का योगदान बहुत बड़ा रहा है और उनके निधन से क्रिकेट जगत को बहुत दुख हुआ है। हम उनके परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।”

2001 में ICC ने Frank Duckworth द्वारा बनाए गए DLS नियम को अपनाया था

आपको बता दें कि, फ्रैंक डकवर्थ इंग्लैंड के दिग्गज स्टेटिशियन थे। 1997 में उन्होंने टोनी लुईस के साथ मिलकर बारिश से बाधित मैच के लिए संशोधित टारगेट सेट करने के लिए मेथड तैयार किया था, जिसे 2001 में आईसीसी द्वारा अपनाया गया था।  हालांकि, 2014 में इस नियम के नाम में बदलाव किया गया और इसे डकवर्थ-लुईस-स्टर्न नाम से जाना जाने लगा, क्योंकि बाद में फ्रैंक और टोनी के साथ ऑस्ट्रेलिया के स्टेटिशियन स्टीवन स्टर्न जुड़े थे।

दरअसल सालों तक इस पर विवाद हुआ था कि बारिश से बाधित मैचों का नतीजा कैसे निकाला जाए। यहां तक कि जब शुरुआत में फ्रैंक डकवर्थ और टोनी लुईस ने इस मेथड को तैयार किया था तो भी विवाद हुआ था, लेकिन बाद में जब इन दोनों के साथ स्टीव स्टर्न जुड़े तो इस मेथड में कुछ अहम बदलाव हुए है और अब लगातार यही मेथड यूज होता आ रहा है।

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