आपको बता दें कि गौतम गंभीर का भारतीय टीम के साथ बतौर हेड कोच कॉन्ट्रैक्ट वर्ल्ड कप 2027 तक का है। इस दौरान टीम इंडिया को 2025 चैंपियंस ट्रॉफी, 2026 टी20 वर्ल्ड कप और 2027 वर्ल्ड कप जैसे तीन आईसीसी इवेंट खेलने हैं। इसके अलावा भारत आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी खेल सकता है।
“गौतम गंभीर ज्यादा लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा”- पूर्व क्रिकेटर ने GG को लेकर दिया हैरान करने वाला बयान
राहुल द्रविड़ के बाद गौतम गंभीर को बनाया गया है टीम इंडिया का हेड कोच।
अद्यतन - अगस्त 4, 2024 3:06 अपराह्न

टीम इंडिया के हेड कोच के रूप में गौतम गंभीर का कार्यकाल शानदार अंदाज में शुरू हुआ है। उन्हें राहुल द्रविड़ के उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है और उन्हें 2027 के अंत तक टीम का नेतृत्व करने के लिए एक लंबा कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। गौरतलब है कि टीम इंडिया के नए कप्तान सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में मेन इन ब्लू ने तीन मैचों की टी-20 सीरीज में श्रीलंका को 3-0 से मात दी।
राहुल द्रविड़ द्वारा टी-20 विश्व कप के बाद कोचिंग जारी न रखने के फैसले के बाद गंभीर तेजी से कोचिंग पद के लिए सबसे आगे आए। खासकर,जब वह आईपीएल 2024 के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स में मेंटर के रूप में लौटे। उनके मेंटरशिप में केकेआर ने ट्रॉफी अपने नाम किया और तभी यह मान लिया गया कि गंभीर टीम इंडिया के अगले हेड कोच होंगे। और बीसीसीआई ने टी-20 वर्ल्ड कप के बाद इस पर आधिकारिक मुहर लगा दी।
इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने गौतम गंभीर को लेकर एक हैरान करने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि गंभीर ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएंगे।
गौतम गंभीर को लेकर जोगिंदर शर्मा ने कही कुछ हैरान करने वाली बातें
शुभांकर मिश्रा के यूट्यूब चैनल पर जोगिंदर शर्मा ने गौतम गंभीर को लेकर कहा, “गौतम गंभीर टीम को संभालने वाले हैं, लेकिन मेरा ये मानना है कि गौतम गंभीर ज्यादा लंबे समय तक टिक नहीं पाएंगे। क्योंकि गौतम गंभीर के अपने ही कुछ फैसले होते हैं। हो सकता है किसी खिलाड़ी से मन मुटाव हो जाए। मैं विराट कोहली की बात नहीं कर रहा हूं। गौतम गंभीर के फैसले कई बार ऐसे हो जाते हैं कि दूसरे को पसंद नहीं आते।”
उन्होंने आगे कहा, “गौतम गंभीर सीधी बात करने वाले हैं। वो किसी के पास जाने वाले नहीं हैं। गौतम गंभीर चापलूसी करने वाले नहीं हैं। उनको क्रेडिट देने वाले हम लोग हैं। वो अपना काम करते हैं, सच्चे दिल से करतें है, बड़ी इमानदारी से करते हैं।”