संजू सैमसन ने कोच को दिया अपनी सफलता का श्रेय, खोला ड्रेसिंग रूम का सबसे बड़ा राज
संजू सैमसन ने हाल ही में टी20 सलामी बल्लेबाज के रूप में तीन शतक जड़े हैं।
अद्यतन - Dec 21, 2024 12:25 pm

भारतीय विकेटकीपर संजू सैमसन ने अपने करियर में मिली हालिया सफलता को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे कोलकाता नाइट राइडर्स में आईपीएल के शुरुआती दिनों के दौरान भारतीय कोच गौतम गंभीर की सलाह और भारतीय क्रिकेट सेटअप ने खेल के प्रति उनके दृष्टिकोण को आकार देने में मदद की।
इस साल की शुरुआत में टी-20 वर्ल्ड कप जीत के बाद कोहली और शर्मा के संन्यास के बाद सैमसन अब भारत के टी20 ओपनर बनने की रेस में सबसे आगे हैं। उन्होंने बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए चार T20I में उनके बल्ले से तीन शतक आए हैं, जिसके बाद से टी-20 टीम में उनकी जगह पक्की नजर आ रही है।
सैमसन ने दो शतक तो साउथ अफ्रीका दौरे पर लगाए। 30 वर्षीय क्रिकेटर ने अब इंटरनेशनल क्रिकेट में सफलता मिलने के बाद गंभीर की मेंटोरशिप को श्रेय दिया है। उन्होंने ड्रेसिंग रूम का वो राज खोला, जिसके बाद से उनका कॉन्फिडेंस सातवें आसमान पर पहुंचा।
संजू सैमसन ने गौतम गंभीर को लेकर किया बड़ा खुलासा
सैमसन ने पूर्व साउथ अफ्रीकी क्रिकेटर एबी डिविलियर्स के यूट्यूब चैनल पर इंटरव्यू में कहा, “जब वह (गौतम गंभीर) भारतीय टीम में आए तो ड्रेसिंग रूम में उन्होंने मुझसे कहा ‘संजू, मुझे पता है कि तुम्हारे पास क्या है। तुम्हारे पास कुछ खास है। मैं किसी भी हालत में तुम्हें सपोर्ट करूंगा’। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं मैदान पर जाकर हर पारी में खुद को अभिव्यक्त करूं। कोच के इस तरह के संवाद ने मुझे क्लियरिटी और कॉन्फिडेंस दिया।”
विकेटकीपर ने कहा कि असफलता मिलने पर वह निराश थे और कोच के भरोसे पर खरे उतरने के लिए बेकरार थे। सैमसन ने कहा, ”कुछ मैचों में आउट होने के बाद आप दबाव महसूस करने लगते हैं क्योंकि किसी शख्स के सपोर्ट के बावजूद आप उम्मीदों के मुताबिक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। मैंने आम इंसाम के तौर सोचा कि ‘संजू’ तुम्हें कुछ करके दिखाना होगा और कोच ने जो भरोसा जताया है, उसपर खरा उतरना ही होगा।”
बता दें कि, सैमसन की पहली आईपीएल टीम केकेआर थी, जिसके कप्तान गंभीर कप्तान थे। उन्होंने कहा, “हां, ऐसा ही रहा है। गौतम गंभीर के साथ मेरा रिश्ता छोटी उम्र से ही अच्छा था। मेरी पहली आईपीएल टीम केकेआर थी। जब मैं 14 साल का था तो उन्होंने मुझे अपनी बी टीम में चुना। 17 साल की उम्र में मैं केकेआर की मुख्य टीम में शामिल हो गया। तब केकेआर ने गौतम गंभीर के नेतृत्व में चैंपियनशिप जीती।”