तिहरा शतक बनाने के बावजूद टीम इंडिया से ड्रॉप हुए थे करुण नायर, सेलेक्शन न होने से परेशान होकर उठाया था यह हैरतअंगेज कदम - क्रिकट्रैकर हिंदी

तिहरा शतक बनाने के बावजूद टीम इंडिया से ड्रॉप हुए थे करुण नायर, सेलेक्शन न होने से परेशान होकर उठाया था यह हैरतअंगेज कदम

करुण नायर ने विजय हजारे ट्रॉफी 2024-25 में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए छह पारियों में 5 शतक बनाए हैं

Karun Nair (Pic Source-Twitter)
Karun Nair (Pic Source-Twitter)

भारतीय टीम के बेहतरीन बल्लेबाज करुण नायर ने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में खेले गए पांचवें टेस्ट मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 303* रनों की रिकॉर्डतोड़ पारी खेली थी। उन्होंने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी की और इंग्लैंड के सभी गेंदबाजों पर दबाव डाला था।

उनके इसी पारी की वजह से टीम इंडिया ने इस मुकाबले को एक पारी और 75 रन से अपने नाम किया था। हालांकि, इसके बाद करुण नायर को अंतरराष्ट्रीय टेस्ट टीम से ड्रॉप कर दिया गया और फिर उनकी टीम में वापसी नहीं हो पाई।

अब हाल में करुण नायर ने विजय हजारे ट्रॉफी 2024-25 में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए विदर्भ को इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचाया है। इस बीच करुण नायर ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए बड़ा खुलासा किया है।

करुण नायर ने कहा कि, ‘मैंने एक ही टूर्नामेंट में कभी भी पांच शतक नहीं बनाए हैं। इस समय मैं बहुत ही अच्छे फॉर्म में हूं। मुझे ऐसा लगता है कि मैं एक ही तरीके से बल्लेबाजी कर रहा हूं और मुझे खुशी है कि मैं अपनी टीम की जीत में योगदान दे रहा हूं।

हमारा अभियान अभी तक काफी अच्छा रहा है और अब टूर्नामेंट का अंतिम लेग शुरू हो रहा है। सभी खिलाड़ी आने वाले मैच में जबरदस्त प्रदर्शन करना चाहते हैं। महाराष्ट्र के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में हम जीत दर्ज करना चाहेंगे।’

विदर्भ को अब महाराष्ट्र के खिलाफ सेमीफाइनल मैच खेलना है

बता दें कि, विजय हजारे ट्रॉफी 2024-25 में विदर्भ को महाराष्ट्र के खिलाफ दूसरा सेमीफाइनल मैच खेलना है, जिसकी शुरुआत 16 जनवरी से हो रही है। यह मैच वडोदरा के कुटुंबी स्टेडियम में खेला जाएगा। करुण नायर ने पिछली छह पारियों में 5 शतक बनाए हैं। उन्होंने 112*, 44*, 163*, 111*, 112 और 122 रनों की पारी खेली है। महाराष्ट्र के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में भी शानदार बल्लेबाज अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि, ‘मैं हमेशा ही शांत रहता हूं, लेकिन उस समय मुझे बहुत ही बुरा लगा था जब मैंने टीम इंडिया की ओर से भाग लेते हुए 303* रन बनाए थे। 2002 का मेरा पोस्ट अचानक से मैंने लिखा था। उस समय मुझे बहुत ही निराशा हुई थी, क्योंकि कर्नाटक की ओर से मैंने कई सालों तक भाग लिया, लेकिन टीम में मुझे जगह नहीं मिली।’

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