Ashes 2025-26: न्यू ईयर टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहेंगे उस्मान ख्वाजा

Ashes 2025-26: न्यू ईयर टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहेंगे उस्मान ख्वाजा

सिडनी टेस्ट होगा 39 वर्षीय दिग्गज बल्लेबाज का आखिरी मुकाबला, भावुक अंदाज में की संन्यास की पुष्टि

Usman Khawaja (Image credit Twitter - X)
Usman Khawaja (Image credit Twitter – X)

ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने एशेज 2025-26 सीरीज के न्यू ईयर टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की पुष्टि कर दी है। यह मुकाबला उनके करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच होगा। खास बात यह है कि ख्वाजा अपना अंतिम टेस्ट अपने घरेलू मैदान सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर खेलेंगे। यह उनका 88वां और आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा।

39 वर्षीय ख्वाजा ने सिडनी टेस्ट से पहले मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्होंने इस फैसले की जानकारी सबसे पहले अपने ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथियों को दी। उन्होंने माना कि यह पल उनके लिए भावनात्मक था।

ख्वाजा ने कहा कि जब उन्होंने टीम को बताया, तो वह खुद को भावनाओं से रोक नहीं पाए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि संन्यास की घोषणा करते समय वह इतने भावुक हो जाएंगे, लेकिन इससे यह साफ होता है कि क्रिकेट उनके लिए कितना मायने रखता है।

सिडनी टेस्ट में आखिरी बार, शतक के साथ विदाई की उम्मीद

उस्मान ख्वाजा का जन्म पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुआ था, लेकिन वह सिर्फ पांच साल की उम्र में अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया चले गए। इसके बाद उनका पूरा जीवन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को समर्पित रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत न्यू साउथ वेल्स से की और 2008 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू करने के सिर्फ तीन साल बाद ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में जगह बना ली।

ख्वाजा का सफर बाकी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों से अलग रहा है और वह चाहते हैं कि लोग उन्हें एक विनम्र और मनोरंजक क्रिकेटर के रूप में याद रखें। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य हमेशा यही रहा कि वह मैदान पर जाकर दर्शकों का मनोरंजन करें और लोग उन्हें खेलते हुए पसंद करें।

हालांकि, ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों फॉर्मेट खेले, लेकिन उनका असली पुनर्जागरण टेस्ट क्रिकेट में देखने को मिला। उन्होंने अब तक टेस्ट क्रिकेट में 6000 से ज्यादा रन बनाए हैं, जिसमें 16 शतक शामिल हैं। उनका औसत 43 से ऊपर रहा है, जो उनकी निरंतरता और क्लास को दर्शाता है।

अब जब सिडनी टेस्ट उनका आखिरी मुकाबला होगा, तो ख्वाजा जरूर चाहेंगे कि वह अपने करियर का अंत एक और शतक के साथ करें और ऑस्ट्रेलियाई फैंस को एक यादगार विदाई दें।

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