टी20 में पहचान बनाने की जंग, केएल राहुल ने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की

टी20 में पहचान बनाने की जंग, केएल राहुल ने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की

पिता बनने के बाद बदली सोच, क्रिकेट में आया नया आत्मविश्वास

KL Rahul (Image credit Twitter - X)
KL Rahul (Image credit Twitter – X)

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ने हाल ही में अपने करियर के उतार-चढ़ाव, खासकर टी20 क्रिकेट में मिली चुनौतियों को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समय ऐसा था जब उन्हें टी20 खिलाड़ी के रूप में गंभीरता से नहीं लिया जाता था और उन्हें केवल टेस्ट क्रिकेट तक सीमित माना जाता था।

राहुल ने जियोस्टार के शो सुपरस्टार्स पर बताया कि करीब दस साल पहले उनका सपना था कि वह टी20 टीम का हिस्सा बनें, लेकिन उस समय उन्हें ‘टेस्ट स्पेशलिस्ट’ का टैग दिया गया था। उन्होंने कहा कि इस सोच को बदलना आसान नहीं था, लेकिन लगातार मेहनत और खुद में सुधार के दम पर उन्होंने अपनी पहचान बदली।

हाल ही में आईपीएल में उनकी 64 गेंदों में नाबाद 152 रनों की पारी, भले ही टीम के लिए जीत नहीं ला सकी, लेकिन इसने उनके टी20 खेल में आए बदलाव और आत्मविश्वास को साफ दिखाया। राहुल फिलहाल टेस्ट और वनडे टीम का नियमित हिस्सा हैं, लेकिन 2022 के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई टी20 मैच नहीं खेला है।

राहुल ने बताया कि अपने करियर के दौरान उन्होंने कई गलतियां की हैं और कुछ फैसले बेहतर हो सकते थे, लेकिन उन्हें इस बात का गर्व है कि उन्होंने हर मैच में अपना 100 प्रतिशत दिया। उनके अनुसार, खेल में हर समय सफलता नहीं मिलती, इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं अपने अधूरे लक्ष्यों के बारे में सोचकर निराश होता हूं, तो मैं खुद को याद दिलाता हूं कि मैंने क्या हासिल किया है। इससे मुझे आगे बढ़ने की ताकत मिलती है।’ राहुल का मानना है कि अभी उनके पास समय है और वह आगे भी बेहतर करने की कोशिश जारी रखेंगे।

पिता बनने के बाद बदली जिंदगी

राहुल ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी खास बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि पत्नी अथिया शेट्टी के साथ बेटी के जन्म के बाद उनकी सोच में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा, ‘पिता बनना मेरे जीवन का सबसे खूबसूरत अनुभव है। जब मैं अपनी बेटी को देखता हूं, उसकी मुस्कान और प्यार मुझे हर चिंता और दर्द से दूर कर देता है।’ राहुल के अनुसार, इस बदलाव ने उनके खेल पर भी सकारात्मक असर डाला है।

राहुल ने कहा कि अब वह मैदान पर ज्यादा सोचते नहीं हैं और खेल का पूरा आनंद लेते हैं। यही कारण है कि उनका प्रदर्शन बेहतर हुआ है। उन्होंने बताया कि अब वह हर मैच में पूरी तरह फोकस रहते हैं और सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। राहुल की यह कहानी दिखाती है कि मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ किसी भी खिलाड़ी के लिए अपनी पहचान बदलना संभव है।

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