Women’s T20 World Cup 2026: श्रेयंका पाटिल की चोट से भारत को बड़ा झटका, पूर्व दिग्गज मिताली राज ने जताई चिंता
भारतीय महिला टीम की स्टार ऑलराउंडर की चोट ने विश्व कप अभियान को मुश्किल बनाया
अद्यतन - जून 21, 2026 9:24 अपराह्न

भारतीय महिला टीम की स्टार ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल चोट के कारण महिला टी20 विश्व कप 2026 से बाहर हो गई हैं। इस खबर के बाद पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज ने उनके लिए सहानुभूति जताई है। मिताली का कहना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से बाहर होना बेहद दुखद होता है।
गौरतलब है कि श्रेयंका को नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले के दौरान दाएं टखने में चोट लगी थी। गेंद का पीछा करते समय उनका टखना मुड़ गया, जिसके बाद उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।
भारत की योजनाओं को लगा झटका
मिताली राज का मानना है कि श्रेयंका की गैर-मौजूदगी भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने विश्व कप के लिए जो रणनीतियां बनाई होंगी, उनमें श्रेयंका की अहम भूमिका रही होगी।
मिताली ने बताया कि श्रेयंका हाल ही में एक अन्य चोट से वापसी करके टीम में लौटी थीं और इस विश्व कप को लेकर काफी उत्साहित थीं। ऐसे में टूर्नामेंट से बाहर होना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी निराशाजनक होगा।
मिताली ने श्रेयंका की जगह राधा यादव को सबसे अच्छा विकल्प बताया। उनका मानना है कि भारतीय महिला टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्पिन गेंदबाजी है और राधा इस विभाग को मजबूती दे सकती हैं।
उन्होंने कहा कि राधा के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा अनुभव है और जरूरत पड़ने पर वह तीसरे स्पिनर की भूमिका भी निभा सकती हैं। इसलिए वह टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।
मिताली राज ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल को लेकर भी अपनी भविष्यवाणी की। उनके अनुसार ग्रुप ए से भारत और ऑस्ट्रेलिया के नॉकआउट चरण में पहुंचने की सबसे ज्यादा संभावना है। दोनों टीमों ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है।
ग्रुप बी में मिताली ने इंग्लैंड को सबसे मजबूत टीम बताया। वहीं दूसरे सेमीफाइनलिस्ट के रूप में उन्होंने वेस्टइंडीज को चुना। उनका मानना है कि न्यूजीलैंड की लगातार दो हार के बाद उसकी राह मुश्किल हो गई है। ऐसे में वेस्टइंडीज के पास अगले दौर में पहुंचने का अच्छा मौका है।
श्रेयंका पाटिल की चोट भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। हालांकि, टीम के पास विकल्प मौजूद हैं, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में एक अहम खिलाड़ी की कमी हमेशा महसूस होती है। अब भारत को नए संयोजन के साथ आगे बढ़ना होगा।