खत्म हुआ 18 साल का लंबा सफर! स्टीफन फ्लेमिंग ने छोड़ा CSK के हेड कोच का पद
चेन्नई सुपर किंग्स के साथ 18 साल के ऐतिहासिक जुड़ाव के बाद, स्टीफन फ्लेमिंग ने टीम का साथ छोड़ दिया है।
अद्यतन - जुलाई 13, 2026 12:26 अपराह्न

चेन्नई सुपर किंग्स के साथ 18 साल के ऐतिहासिक जुड़ाव के बाद, स्टीफन फ्लेमिंग ने टीम का साथ छोड़ दिया है। फ्लेमिंग 2008 में एक खिलाड़ी के तौर पर चेन्नई से जुड़े थे और 2009 में हेड कोच बने, जिसके बाद उन्होंने टीम को पांच आईपीएल खिताब जिताए। 2027 सीजन से पहले टीम के भविष्य को लेकर हुई ईमानदार बातचीत के बाद, चेन्नई ने सोमवार, 13 जुलाई को उनके जाने की आधिकारिक घोषणा की। फ्रेंचाइजी ने अभी तक इस दिग्गज कोच की जगह लेने वाले का नाम तय नहीं किया है, हालांकि जल्द ही नई नियुक्ति के बारे में आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है।
फ्लेमिंग ने फ्रेंचाइजी के एक बयान में कहा, “खेल की दुनिया में अठारह साल एक लंबा समय होता है, और मैं यहां से सिर्फ आभार के साथ जा रहा हूं। चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताया समय मेरे कोचिंग करियर का सबसे खास अनुभव रहा है। हमने जो कुछ भी हासिल किया है, उस पर मुझे गर्व है। हमने साथ मिलकर यादगार जीत हासिल कीं, मुश्किल पलों का सामना किया और ऐसी यादें बनाईं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी। चेन्नई हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी, और मैं आने वाले सालों में भी टीम का हौसला बढ़ाता रहूंगा।”
2009 में चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच का पद संभाला था
स्टीफन फ्लेमिंग ने 2009 में चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच का पद संभाला था और जल्द ही एमएस धोनी की कप्तानी में सफलता हासिल की। उन्होंने टीम को 2010 और 2011 में लगातार आईपीएल खिताब जिताए, साथ ही 2010 और 2014 में चैंपियंस लीग टी20 की जीत भी दिलाई। कुछ समय के ब्रेक के बाद, चेन्नई ने 2018 में शानदार वापसी करते हुए अपना तीसरा खिताब जीता। इसके बाद फ्लेमिंग ने 2021 में कोलकाता के खिलाफ टीम को चौथा खिताब जिताया और 2023 में ऐतिहासिक पांचवीं चैंपियनशिप जीत दिलाई, जिससे वे मुंबई इंडियंस के साथ टूर्नामेंट की सबसे सफल फ्रेंचाइजी बन गए।
चेन्नई सुपर किंग्स के सीईओ काशी विश्वनाथन ने कहा, “इस सफर की शुरुआत से ही, फ्लेमिंग ने न सिर्फ हमारे खेलने के तरीके को तय करने में मदद की, बल्कि यह भी तय किया कि एक फ्रेंचाइजी के तौर पर हम क्या बनना चाहते हैं। उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन करने, विनम्रता और टीम को सबसे ऊपर रखने वाला कल्चर बनाया। लोगों को समझने और टीम के हर खिलाड़ी से उनका बेस्ट निकलवाने की उनकी काबिलियत उनकी सबसे बड़ी खूबियों में से एक रही है।”