BCCI के इस फैसले से मोहम्मद शमी-भुवनेश्वर कुमार का करियर अधर में, कहा ‘मूवऑन’
वेस्टइंडीज सीरीज के लिए दोनों तेज गेंदबाज टीम से बाहर।
अद्यतन - सितम्बर 18, 2026 1:30 अपराह्न

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं मिली है। बुधवार को घोषित भारतीय टीम में दोनों खिलाड़ियों का नाम नहीं था। इसके बाद उनकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
आकाश चोपड़ा ने कही बड़ी बात
इस बीच, पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि शमी और भुवनेश्वर के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का समय अब मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि टी20 में भुवनेश्वर और वनडे में शमी के नाम पर विचार किया जा सकता था, लेकिन चयनकर्ताओं ने दोनों को मौका नहीं दिया।
चोपड़ा ने यह भी कहा कि भारतीय टीम में अब कई नए खिलाड़ियों को अवसर मिल रहे हैं। वनडे टीम में आकिब नबी को शामिल किया गया है, जबकि टी20 टीम में मयंक यादव और प्रिंस यादव जैसे खिलाड़ियों को मौका मिला है। उनके अनुसार, लगातार नए खिलाड़ियों को अवसर मिलना एक संकेत है और शमी-भुवनेश्वर को इसे स्वीकार करते हुए आगे बढ़ने के बारे में सोचना चाहिए। शायद अब बीसीसीआई ने दोनों से ‘मूवऑन’ होने का फैसला कर लिया है।
शमी ने पूरे किए 100 फर्स्ट क्लास मैच
इसी बीच मोहम्मद शमी ने घरेलू क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए अपने करियर का 100वां फर्स्ट क्लास मैच पूरा किया।
शमी ने इस उपलब्धि को खास बताते हुए कहा कि 100 फर्स्ट क्लास मैच खेलना लंबे सफर, मेहनत और त्याग का नतीजा है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जगहों और परिस्थितियों में खेलना, विकेट लेना और अपने राज्य को गौरवान्वित करना उनके लिए हमेशा एक सपना रहा है।
शमी के 100वें फर्स्ट क्लास मैच में ईस्ट जोन का सामना साउथ जोन से हुआ। ईस्ट जोन ने यह मुकाबला जीतकर दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। शमी 2012 में ईस्ट जोन की पहली दलीप ट्रॉफी जीत के समय 21 साल के थे। 14 साल बाद वह टीम की तीसरी खिताबी जीत का भी हिस्सा बने।
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