पार्थिव पटेल को पूर्व सेलेक्टर से मिली थी अजीब सलाह, कहा 'क्रिकेट छोड़, बिजनेस करें, खिलाड़ी ने साझा किया दिलचस्प किस्सा

पार्थिव पटेल को पूर्व सेलेक्टर से मिली थी अजीब सलाह, कहा ‘क्रिकेट छोड़, बिजनेस करें, खिलाड़ी ने साझा किया दिलचस्प किस्सा

घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने के बावजूद पार्थिव को मिली इस सलाह ने उन्हें खुद को साबित करने के लिए और प्रेरित किया

Parthiv Patel (Image credit Twitter - X)
Parthiv Patel (Image credit Twitter – X)

पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल (Parthiv Patel) ने अपने करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक दिलचस्प और हैरान करने वाला किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम में वापसी की कोशिश के दौरान, एक राष्ट्रीय चयनकर्ता ने उन्हें ऐसी सलाह दी थी, जिसे सुनकर वह काफी हैरान रह गए थे।

पार्थिव के मुताबिक, उस समय वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। वह नियमित रूप से रन बना रहे थे और उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही भारतीय टीम में वापसी का मौका मिलेगा। इसी दौरान उन्होंने अपनी स्थिति को लेकर एक चयनकर्ता से बात की और जानना चाहा कि टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए उन्हें और क्या करना चाहिए।

पार्थिव ने बताया कि चयनकर्ता ने उन्हें क्रिकेट में आगे बढ़ने की सलाह देने के बजाय उनकी उम्र और पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए बिजनेस करने की बात कही। उन्हें कहा गया कि वह गुजराती हैं और उन्हें क्रिकेट के बजाय बिजनेस में हाथ आजमाने के बारे में सोचना चाहिए।

हाल में ही आकाश चोपड़ा के साथ एक यूट्यूब इंटरव्यू के दौरान पार्थिव ने कहा, “मैंने उनसे साफ-साफ कहा, ‘अगर आप मुझे चुनना नहीं चाहते, तो मत चुनिए। लेकिन आप किसी का हौसला इस तरह नहीं तोड़ सकते। ठीक है, यह आपकी सोच है, लेकिन आपके कार्यकाल में अभी दो साल बचे हैं। मैं आपको चुनौती देता हूं कि इन दो सालों के अंदर मैं वापसी करूंगा।'”

यह बात पार्थिव के लिए आसान नहीं थी। वह घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत कर रहे थे और भारतीय टीम में वापसी को लेकर पूरी तरह गंभीर थे। हालांकि, उन्होंने इस टिप्पणी को अपने रास्ते की रुकावट नहीं बनने दिया।

आलोचना को बनाया वापसी की प्रेरणा

इस घटना के बाद पार्थिव ने खुद को साबित करने का फैसला किया। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपना प्रदर्शन जारी रखा और आखिरकार भारतीय टीम में वापसी करने में सफल रहे। 2011 में उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलने का मौका मिला। इस सीरीज में पार्थिव ने पांच मैचों में 172 रन बनाए। उन्होंने एक मुकाबले में 95 रन की शानदार पारी भी खेली। इसी साल उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी डेब्यू किया।

पार्थिव के करियर की सबसे खास उपलब्धियों में गुजरात को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाना भी शामिल है। 2016-17 सत्र में उनकी कप्तानी में गुजरात ने फाइनल में मुंबई को हराकर खिताब जीता था। फाइनल में पार्थिव ने बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया और दोनों पारियों में महत्वपूर्ण रन बनाए। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।

खैर, पार्थिव ने 2020 में क्रिकेट से संन्यास लिया। उनका करियर इस बात की मिसाल रहा कि मुश्किल दौर और नकारात्मक सलाह के बावजूद लगातार मेहनत करने वाला खिलाड़ी अपनी पहचान दोबारा बना सकता है। वह भारत के लिए 17 साल की उम्र में डेब्यू करने वाले एकमात्र विकेटकीपर बल्लेबाज हैं।

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