स्टीव स्मिथ ने तोडा टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक कैच का वर्ल्ड रिकॉर्ड, रुट समेत कई दिग्गजों को छोड़ा पीछे

स्टीव स्मिथ ने तोडा टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक कैच का वर्ल्ड रिकॉर्ड, रुट समेत कई दिग्गजों को छोड़ा पीछे

Steve Smith Surpasses Joe Root to Claim World Record for Most Test Catches (image via getty)
Steve Smith Surpasses Joe Root to Claim World Record for Most Test Catches (image via getty)

11 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी स्टीव स्मिथ (Steve Smith) ने टेस्ट मैच के इतिहास में नॉन-विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा कैच लेने का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर क्रिकेट की दुनिया में अपना नाम दर्ज कराया। किंग्समीड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फील्डिंग करते हुए स्मिथ ने अपना 221वां टेस्ट कैच पकड़ा और इंग्लैंड के जो रूट को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट फील्डिंग चार्ट में सबसे ऊपर अपनी जगह बनाई।

यह उपलब्धि पहले टेस्ट के तीसरे दिन हासिल हुई, जब दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड बेडिंगहम ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस की एक तेज गेंद पर शॉट खेलने की कोशिश की और गेंद उनके बल्ले के किनारे से लगकर निकली। सेकंड स्लिप पर खड़े स्मिथ ने अपनी शानदार फुर्ती का प्रदर्शन करते हुए तेजी से बाईं ओर छलांग लगाई और गेंद को लपक लिया। इस तरह, अपने 126वें टेस्ट मैच में उन्होंने रिकॉर्ड बुक में शीर्ष स्थान हासिल किया।

इससे पहले पारी में, 37 साल के इस खिलाड़ी ने नेथन लायन की गेंद पर शानदार फील्डिंग करते हुए रूट के 220 कैच के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। अकेले स्लिप फील्डर के तौर पर खड़े स्मिथ ने दक्षिण अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा के ऑफ-स्पिनर के खिलाफ रिवर्स-स्वीप करने के इरादे को पहले ही भांप लिया था और तेजी से दाईं ओर की और जाकर एक मिसटाइम हुए टॉप-एज कैच को लपक लिया।

स्मिथ पहले भी पहुंचे थे करीब

स्मिथ यह रिकॉर्ड बनाने के बहुत करीब पहुंच गए थे, जब उन्होंने विआन मुल्डर की गेंद पर एक मुश्किल कैच लपकने की कोशिश की थी। हालांकि मुल्डर शुरू में मैदान से बाहर चले गए थे, लेकिन टीवी रिप्ले से पता चला कि गेंद ठीक से कैच नहीं हुई थी, जिससे बल्लेबाज को कुछ समय के लिए राहत मिल गई। फिर भी, स्मिथ की लगातार कोशिशें जल्द ही रंग लाईं और बेडिंगहम आउट हो गए।

अपनी अनोखी बैटिंग स्टाइल के लिए मशहूर स्मिथ की पैनी नजर और स्लिप में उनकी फुर्ती ने उन्हें मॉडर्न क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद फील्डर्स में से एक बना दिया है। जो रूट, राहुल द्रविड़ और महेला जयवर्धने जैसे दिग्गजों से आगे निकलना न सिर्फ उनके लंबे करियर को दिखाता है, बल्कि दुनिया भर की अलग-अलग परिस्थितियों में उनके शानदार और लगातार अच्छे प्रदर्शन को भी साबित करता है।

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