पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने किया बड़ा खुलासा, बोले "ग्रेग चैपल ने टीम इंडिया में फूट डाली, खिलाड़ियों को आपस में लड़वाया"

पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने किया बड़ा खुलासा, बोले “ग्रेग चैपल ने टीम इंडिया में फूट डाली, खिलाड़ियों को आपस में लड़वाया”

आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं

Greg Chappell and Harbhajan Singh (Image Credit- Twitter X)
Greg Chappell and Harbhajan Singh (Image Credit- Twitter X)

हाल में ही भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने पूर्व भारतीय कोच ग्रेग चैपल के दुखद कार्यकाल को याद करते हुए बड़ा बयान दिया है। क्रिकेट जगत में टर्बनेटर के नाम से मशहूर हरभजन ने पूर्व भारतीय कोच पर ‘फूट डालो और राज करो’ और खिलाड़ियों को आपस में लड़वाने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि बीसीसीआई द्वारा साल 2005 में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ग्रेग चैपल को भारतीय क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया गया था। उन्होंने टीम इंडिया में उस समय जाॅन राइट को रिप्लेस किया था।

हालांकि, उनकी नियुक्ति के बाद उम्मीद थी कि वह टीम इंडिया सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ मिलजुल कर काम करेंगे, और भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। लेकिन, हुआ इसका उल्टा।

चैपल के कोचिंग कार्यकाल के किस्से आज भी मशहूर है कि कैसे टीम इंडिया की एकजुटता खत्म हो गई थी। हालांकि, 2007 आईसीसी वर्ल्ड कप में भारत के ग्रुप स्टेज से बाहर होने के साथ ही चैपल की कोचिंग भी खत्म हो गई थी।

हरभनज सिंह ने किया बड़ा खुलासा

भज्जी ने हाल में प्रखर गुप्ता के साथ एक पाॅडकास्ट करते हुए यह खुलासा किया। इस पाॅडकास्ट में हरभजन ने कहा, “चैपल ने दादा (गांगुली) के साथ जिस तरह का व्यवहार किया और उस दौर में भारतीय टीम के साथ जो कुछ भी किया, वह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे काले और खराब अध्यायों में से एक था। उन्हें मुख्य कोच नियुक्त करना भारतीय क्रिकेट मैनेजमेंट के सबसे गलत फैसलों में से एक था। उन्होंने ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई। वह खुद मुखिया बने रहे और खिलाड़ियों को आपस में लड़वाते रहे।”

हरभजन ने आगे कहा, “उन्होंने पूरी टीम को बर्बाद कर दिया था। 2003 वनडे विश्व कप में जो खिलाड़ी एक साथ एक टीम की तरह खेले थे और जिनके बीच शानदार तालमेल था, वे अब एक-दूसरे से बात तक नहीं करते थे। हमारी टीम सबसे मजबूत और एकजुट टीमों में से एक थी। खिलाड़ियों के बीच गहरा जुड़ाव था, लेकिन चैपल ने उस टीम को पूरी तरह तोड़कर रख दिया। उन्होंने खिलाड़ियों के बीच के आपसी तालमेल और एकता को खत्म कर दिया।”

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