2027 वर्ल्ड कप की रेस में शमी-भुवनेश्वर, आकाश चोपड़ा ने बताई किसकी दावेदारी मजबूत
सिर्फ आईपीएल नहीं, लगातार वनडे प्रदर्शन होगा चयन की कुंजी
अद्यतन - अगस्त 6, 2026 4:22 अपराह्न

पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का मानना है कि भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप टीम में वापसी आसान नहीं होगी। दोनों अनुभवी तेज गेंदबाज इस समय भारतीय वनडे टीम से बाहर हैं।
अगर उन्हें वापसी करनी है तो अगले कुछ महीनों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। चोपड़ा के मुताबिक सिर्फ आईपीएल या कुछ घरेलू मैचों के दम पर किसी खिलाड़ी को सीधे वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं मिल सकती।
भुवनेश्वर कुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती
आकाश चोपड़ा ने कहा कि भुवनेश्वर कुमार की सबसे बड़ी परेशानी उनका सीमित वर्कलोड है। वह रणजी ट्रॉफी नहीं खेलते, जिससे लंबे प्रारूप में उनकी गेंदबाजी और फिटनेस की परीक्षा नहीं हो पाती।
विजय हजारे ट्रॉफी में भी बहुत कम मुकाबले होते हैं, जबकि वनडे क्रिकेट में गेंदबाज को 10 ओवर फेंकने के साथ पूरे 50 ओवर मैदान पर भी रहना पड़ता है। ऐसे में लगातार फिट रहना और लय बनाए रखना बेहद जरूरी है।
वर्ल्ड कप से पहले लंबी तैयारी जरूरी
चोपड़ा का मानना है कि 50 ओवर के वर्ल्ड कप के लिए किसी भी खिलाड़ी को कम से कम एक साल पहले से भारतीय वनडे टीम का नियमित हिस्सा बनाना होगा। अगर कोई गेंदबाज सिर्फ आईपीएल और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में चार ओवर डालकर वर्ल्ड कप टीम में जगह बनाता है, तो यह टीम प्रबंधन के लिए सही फैसला नहीं होगा। बड़े टूर्नामेंट से पहले लगातार वनडे मैच खेलना बेहद जरूरी है।
आकाश चोपड़ा के अनुसार मोहम्मद शमी का दावा भुवनेश्वर कुमार से थोड़ा बेहतर है क्योंकि उन्होंने हाल ही में रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 37 विकेट लिए हैं और अब दलीप ट्रॉफी भी खेलेंगे। हालांकि, आईपीएल प्रदर्शन की बात करें तो भुवनेश्वर कुमार आगे नजर आते हैं।
चोपड़ा ने आखिर में कहा कि उनकी समझ के मुताबिक चयनकर्ता, कप्तान और कोच दोनों अनुभवी गेंदबाजों को एक साथ 2027 वर्ल्ड कप टीम में नहीं ले जाएंगे। आने वाले चार से छह महीनों में यह साफ हो जाएगा कि शमी या भुवनेश्वर में से किसे मौका मिलेगा, या फिर दोनों में से किसी को भी टीम में जगह नहीं मिलेगी।