'मैं अभी हनुमा विहारी नहीं बनना चाहता'- मध्यक्रम बल्लेबाज को लेकर आकाश चोपड़ा का बयान - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘मैं अभी हनुमा विहारी नहीं बनना चाहता’- मध्यक्रम बल्लेबाज को लेकर आकाश चोपड़ा का बयान

हनुमा विहारी ने अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था।

Hanuma Vihari (Photo credit: BROOKS/AFP/Getty Images)
Hanuma Vihari (Photo credit: BROOKS/AFP/Getty Images)

भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले जाने वाले आखिरी दो टेस्ट मैचों में मध्यक्रम में हनुमा विहारी को मौका दिया जाना चाहिए। उनका ये भी मानना है कि जिस तरह से विहारी के साथ व्यवहार किया गया है कोई भी इस वक्त उनके जैसा नहीं बनना चाहेगा।

विहारी ने भारत के लिए आखिरी मैच जनवरी 2021 में सिडनी में खेला था और टीम इंडिया की हार को उन्होंने टाला था। इसके बाद वे चोट के कारण टीम से बाहर हो गए, लेकिन फिर उनको कहीं भी मौका नहीं मिल सका। हनुमा विहारी न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज से भी बाहर थे, वहां उन्हें टीम में जगह नहीं मिली।

हनुमा विहारी के करियर को लेकर आकाश चोपड़ा ने दिया बड़ा बयान

अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर शेयर किए गए एक वीडियो में आकाश चोपड़ा से पूछा गया कि उस वक्त हनुमा विहारी जैसे खिलाड़ी के दिमाग में क्या चल रहा होगा। इसपर उन्होंने कहा कि, “वह दुखी होगा। सच कहूं तो मैं अभी हनुमा विहारी नहीं बनना चाहता, क्योंकि आप मुझे घर पर मैच नहीं खिलाते। पिछली बार जब मैं भारत के लिए खेला था, तो मेरी हैमस्ट्रिंग इंजरी थी, लेकिन इसके बावजूद मैंने सिडनी में बल्लेबाजी की और भारत के लिए मैच बचाया।”

आकाश चोपड़ा ने आगे कहा कि, “जब घर में मैच होते हैं तो आप मुझे नहीं खिलाते। आप घर पर किसी और के साथ खेलते हैं और मुझसे कहते हैं कि दक्षिण अफ्रीका जाकर तैयार हो जाओ और वे मुझे वहां खिलाएंगे। मैं दक्षिण अफ्रीका जाता हूं और तैयार भी हो जाता हूं, कड़वा घूंट पीकर रन बनाता हूं, लेकिन फिर भी आप मुझे नहीं खिलाते। यदि आप मेरे साथ नहीं खेलना चाहते हैं, तो आप मेरे साथ क्या कर रहे हैं?”

अंत में चोपड़ा ने कहा कि, “उसे दुखी होने का पूरा अधिकार है। मुझे यकीन है कि राहुल द्रविड़ ने उनसे बात की होगी, कोहली ने भी उनसे बात की होगी और उन्हें समझाया होगा। समझाना ठीक है, लेकिन दर्द तो वही महसूस करता है जो घायल होता है। हनुमा विहारी के दिमाग में इस समय जो चल रहा होगा, उसे हम महसूस नहीं कर सकते, हम केवल सहानुभूति दिखा सकते हैं।”