BCB की हाई परफॉर्मेंस यूनिट में शामिल होगा ये पूर्व बांग्लादेशी स्पिनर, पढ़ें बड़ी खबर

BCB की हाई परफॉर्मेंस यूनिट में शामिल होगा ये पूर्व बांग्लादेशी स्पिनर, पढ़ें बड़ी खबर

कोचिंग की दुनिया में नई पारी शुरू करेंगे अब्दुर रज्जाक, जून से संभालेंगे बड़ी भूमिका।

Abdur Razzak (Image credit Twitter - X)
Abdur Razzak (Image credit Twitter – X)

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व अनुभवी स्पिनर अब्दुर रज्जाक अब कोचिंग की दुनिया में नई शुरुआत करने जा रहे हैं। रज्जाक जून 2026 से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की हाई परफॉर्मेंस यूनिट से जुड़ सकते हैं। उन्होंने खुद इस बात की पुष्टि की है कि बोर्ड के साथ उनकी बातचीत हो चुकी है और जल्द ही वह नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

हाल ही में BCB ने अपनी हाई परफॉर्मेंस यूनिट में बदलाव करने का फैसला लिया है। इसी के तहत राष्ट्रीय टीम के सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन को HP यूनिट का प्रमुख बनाया गया है। पाकिस्तान सीरीज खत्म होने के बाद वह अपनी नई भूमिका संभालेंगे।

कोच बनने का सपना अब होगा पूरा

रज्जाक ने बताया कि वह लंबे समय से कोचिंग में आना चाहते थे। क्रिकेट खेलते समय से ही उनके मन में यह इच्छा थी कि भविष्य में युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव से मदद करें। हालांकि बाद में वह चयन समिति और फिर बोर्ड प्रशासन से जुड़ गए, लेकिन अब उन्होंने पूरी तरह कोचिंग पर ध्यान देने का फैसला किया है।

पूर्व स्पिनर ने जनवरी 2026 में लेवल-3 कोचिंग सर्टिफिकेट भी हासिल किया, ताकि वह इस जिम्मेदारी के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। उनका मानना है कि सिर्फ कोर्स पूरा करना ही काफी नहीं होता, बल्कि मैदान पर मिले अनुभव असली सीख देते हैं।

युवा खिलाड़ियों को जल्दी सिखाना चाहते हैं अहम बातें

रज्जाक का कहना है कि कई ऐसी बातें हैं जो खिलाड़ियों को अपने करियर के काफी देर बाद समझ आती हैं। अगर वही चीजें युवा खिलाड़ियों को शुरुआत में सिखा दी जाएं तो वे ज्यादा तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों को तकनीकी और मानसिक रूप से जल्दी तैयार करना जरूरी है। अगर युवा खिलाड़ी पहले से सही दिशा में काम करें, तो वे अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाई तक ले जा सकते हैं।

रज्जाक ने अपने करियर में गेंदबाजी एक्शन बदलने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना किया था। उनका मानना है कि वही अनुभव अब कोचिंग में उनके लिए सबसे बड़ी ताकत साबित होंगे।

उन्होंने कहा कि मैदान पर जिन चुनौतियों का सामना खिलाड़ी करते हैं, उन्हें किताबों में नहीं सीखा जा सकता। यही वजह है कि पूर्व खिलाड़ियों को कोचिंग में ज्यादा महत्व दिया जाता है।

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