अजिंक्य रहाणे को कभी उतना सम्मान नहीं मिला, जितना उन्हें मिलना चाहिए था: सुनील गावस्कर

अजिंक्य रहाणे को कभी उतना सम्मान नहीं मिला, जितना उन्हें मिलना चाहिए था: सुनील गावस्कर

पूर्व भारतीय कप्तान की कप्तानी और योगदान को लेकर गावस्कर ने जताई नाराजगी

Ajinkya Rahane (Image credit Twitter - X)
Ajinkya Rahane (Image credit Twitter – X)

भारतीय क्रिकेट के पूर्व महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले अजिंक्य रहाणे की जमकर तारीफ की है। उनका मानना है कि रहाणे को अपने शानदार करियर और कप्तानी के बावजूद वह सम्मान और पहचान नहीं मिली, जिसके वह वास्तव में हकदार थे।

गौरतलब है कि 30 जुलाई 2026 को रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 मुकाबले खेले व कई यादगार पारियां खेलीं।

गावस्कर ने मिड-डे में अपने कॉलम में लिखा कि रहाणे की कप्तानी का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा। उन्होंने छह टेस्ट में भारत की कप्तानी की, जिसमें चार मुकाबलों में जीत मिली और एक भी हार नहीं हुई।

गावस्कर ने कहा कि जैसे राहुल द्रविड़ को कप्तान के रूप में उनकी उपलब्धियों का पूरा श्रेय नहीं मिला, ठीक उसी तरह रहाणे की कप्तानी को भी वह सराहना नहीं मिली, जिसके वह हकदार थे। उनके अनुसार भारत में जीत का श्रेय अक्सर बल्लेबाजों और गेंदबाजों को मिलता है, जबकि हार होने पर कप्तान और कोच को जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया दौरे की ऐतिहासिक जीत को किया याद

गावस्कर ने 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि एडिलेड टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद, भारतीय टीम का आत्मविश्वास टूट चुका था। इसी दौरान विराट कोहली निजी कारणों से स्वदेश लौट गए और कई खिलाड़ी चोटिल भी हो गए।

ऐसे मुश्किल समय में रहाणे ने कप्तानी संभाली और मेलबर्न टेस्ट में शानदार शतक लगाकर टीम का मनोबल बढ़ाया। इसके बाद भारत ने ऐतिहासिक अंदाज में सीरीज 2-1 से अपने नाम की और गाबा के मैदान पर पहली बार टेस्ट जीतकर इतिहास रच दिया।

गावस्कर ने कहा कि रहाणे हमेशा टीम को खुद से ऊपर रखते थे। उन्होंने कभी व्यक्तिगत उपलब्धियों को प्राथमिकता नहीं दी और हर परिस्थिति में टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। उनका विनम्र स्वभाव और शांत व्यक्तित्व उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।

गावस्कर का मानना है कि क्रिकेट जगत में बहुत कम खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिनके कोई विरोधी नहीं होते और अजिंक्य रहाणे उन्हीं चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि रहाणे सिर ऊंचा करके क्रिकेट से विदा ले रहे हैं और क्रिकेट प्रेमी हमेशा उनके योगदान को सम्मान के साथ याद रखेंगे।

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