Ashes 2025-26: पैट कमिंस ने शुरू किया नेट्स में अभ्यास, जल्द कर सकते हैं वापसी!
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस को चोट के चलते एशेज के पहले टेस्ट से बाहर कर दिया गया है।
अद्यतन - अक्टूबर 29, 2025 7:15 अपराह्न

इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया यानी एशेज 2025-26 की शुरुआत 21 नवंबर से पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम से होगी। इस बहु-प्रतीक्षित श्रृंखला में दोनों ही दलों के बीच कुल पाँच मैच खेले जाएँगे। सभी क्रिकेट प्रेमियों और समर्थकों के दिलों में इस श्रृंखला को लेकर बहुत उत्साह और उमंग नज़र आ रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस को चोट के चलते पर्थ में होने वाले पहले टेस्ट से बाहर कर दिया गया है। परन्तु 32 वर्षीय कमिंस को हाल ही में नेट्स में गेंदबाज़ी करते देखा गया। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कुछ दिन पहले ही इस बात की पुष्टि की थी कि ऑस्ट्रेलियाई कप्तान अभी अपनी इंजरी से रिकवर नहीं हुए हैं, और उनकी गैर-मौजूदगी में स्टीव स्मिथ टीम का नेतृत्व करेंगे।
कमिंस ब्रिस्बेन में होने वाले दूसरे टेस्ट में भाग ले सकते हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उनका शरीर अपनी फिटनेस का आकलन करने के लिए बनाए गए चार सप्ताह के गेंदबाजी कार्यक्रम के दौरान कैसी प्रतिक्रिया देता है। पैट कमिंस को अपने करियर के शुरुआती दौर से ही पीठ से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ा है, जिसके कारण वे पूर्णतः ठीक होने के बाद ही टीम का हिस्सा बनेंगे।
पैट कमिंस ने एशेज में किया है शानदार प्रदर्शन
कमिंस का इंग्लैंड के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड रहा है। पिछली चार एशेज श्रृंखलाओं में उन्होंने 91 विकेट झटके हैं। 2017-18, 2019 और 2021-22 के एशेज संस्करणों में, वह सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज भी रहे थे। अपनी ऑल-राउंड कला और अनुभव के मिश्रण से 32 वर्षीय कमिंस ऑस्ट्रेलियाई दल के एक अहम खिलाड़ी हैं।
इस बीच, ऑस्ट्रेलिया के कार्यवाहक कप्तान के रूप में स्टीव स्मिथ का रिकॉर्ड शानदार रहा है। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ ने जिन मैचों में कप्तानी की कमान संभाली है, उन मुकाबलों में उन्होंने पाँच जीत और एक ड्रॉ दर्ज किया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से यह उम्मीद है कि वे अगले सप्ताह पर्थ टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम की घोषणा कर सकते हैं। यह देखना बहुत रोचक होगा कि दोनों ही टीमें किस प्रकार से पहले टेस्ट में प्रदर्शन करेंगी और श्रृंखला में बढ़त हासिल करेंगी।
यह एशेज ट्रॉफी 2017 से ऑस्ट्रेलिया के कब्ज़े में रही है और वे अपने इस रिकॉर्ड को इस वर्ष भी बरकरार रखना चाहेंगे। वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड एक बार फिर एशेज की ट्रॉफी को अपने नाम करने की जी-जान से कोशिश करेगी।