Asia Cup 2025: एशिया कप की फ्लाॅप XI पर डालिए एक नजर
आइए नजर डालते हैं एशिया कप 2025 की सबसे कमजोर 11 पर
अद्यतन - अक्टूबर 1, 2025 10:56 अपराह्न

एशिया कप 2025 में हमने बल्लेबाजों से कई बेमिसाल पारियां देखीं और दूसरी ओर गेंदबाजों ने भी अपनी कला का उपयुक्त प्रदर्शन किया। परन्तु प्रत्येक टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी शामिल थे जिनके प्रदर्शन पर कई प्रश्न-चिह्न उठे। तो आइए नजर डालते हैं एशिया कप 2025 की सबसे कमजोर प्लेइंग 11 पर
टॉप ऑर्डर
इस टीम के सलामी बल्लेबाज हैं पाकिस्तान के सैम अयूब और अफगानिस्तान के विकेटकीपर-बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज। एक तरफ पाकिस्तान के युवा खिलाड़ी ने सात पारियों में मात्र 37 रन बनाए, जिसमें चार डक भी शामिल हैं।
दूसरी ओर, अफगानिस्तान के अनुभवी बल्लेबाज ने तीन मैचों में महज 57 रन जोड़े। गुरबाज इस प्रतियोगिता में विस्फोटक अंदाज़ में खेलने के बजाय संभलकर खेल रहे थे, जो कि उनके रवैये के विपरीत है।
तीसरे नंबर पर आए हैं बल्लेबाज कामिल मिशारा, जिन्होंने अपने कुल चार मैचों में 74 रन बनाए और श्रीलंका को एक सुदृढ़ शुरुआत देने में विफल रहे। उनका प्रदर्शन अत्यंत साधारण था और आने वाली श्रृंखला में मिशारा अपने अनुशासन पर काम करने को देखेंगे।
मिडिल ऑर्डर
नंबर चार पर बल्लेबाजी करने उतरेंगे श्रीलंका के कप्तान चरित असलंका। इस प्रतियोगिता में असलंका ने सभी को अपनी बल्लेबाजी और कप्तानी से निराश किया है। छह पारियों में असलंका ने 75 रन केवल 24 की औसत से बनाए हैं। वहीं नंबर पांच पर पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा को जगह मिली है।
सलमान ने भले ही पाकिस्तान को फाइनल्स तक पहुंचाया, परन्तु उनके बल्लेबाजी में खराब परफॉर्मेंस और अधिकतम मैचों में गेंदबाजी न करने के निर्णय से पाकिस्तान के दल को अंत तक उनका सही मिश्रण नहीं मिल पाया।
छठे नंबर पर आते हैं बांग्लादेश के जाकर अली, जिन्हें मध्य क्रम को स्थिर करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। उनकी प्रभावशाली पारियों की कमी ने बांग्लादेश को प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाने के लिए संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया।
ऑलराउंडर
सातवें नंबर पर आते हैं भारतीय टीम के अनुभवी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या। मात्र चार विकेट और 48 रन बनाकर हार्दिक ने एशिया कप में अपने स्टैंडर्ड्स के हिसाब से काफी साधारण क्रिकेट खेला। भारत के प्रीमियम ऑलराउंडर गेंद और बल्ले दोनों के साथ स्ट्रगल करते दिख रहे थे।
आगे बढ़ते हुए बात करते हैं, पाकिस्तान के स्पिन-गेंदबाजी ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज के बारे में, जो अपने बल्ले और गेंद दोनों से प्रभाव डालने में नाकाम रहे। उन्होंने लगभग 100 रन बनाए और केवल दो विकेट लिए। वहीं श्रीलंका के लिए, कमिंदु मेंडिस भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए।
मध्य क्रम को मजबूत करने की जिम्मेदारी मिलने के बावजूद, उन्होंने लगातार कम स्कोर बनाए और गेंद से भी कोई कमाल नहीं दिखा पाए। इन दोनों खिलाड़ियों की असफलता ने उनकी-उनकी टीमों को अहम मौकों पर एक भरोसेमंद खिलाड़ी की कमी महसूस कराई।
गेंदबाज
इस लिस्ट में अगला नाम आता है भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का। अपनी यॉर्कर और विकेट झटकने की काबिलियत के लिए जाने जाते बुमराह ने इस एशिया कप में 22 की औसत से गेंदबाजी करते हुए मात्र सात विकेट लिए। बुमराह ने गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए रन लीक किए, जिसके कारण विपक्षी दल को अच्छी शुरुआत मिल गई।
श्रीलंका के तेज गेंदबाज नुवान तुषारा अपनी छाप छोड़ने में असफल रहे, जिन्होंने छह मैचों में 30 की औसत से सिर्फ छह विकेट लिए। पावरप्ले और डेथ ओवरों में उनकी गेंदों पर खूब रन बने, जिससे श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण की धार कम हो गई।
12वें खिलाड़ी के रूप में, बांग्लादेश के शमीम हुसैन भी कोई यादगार पारी नहीं खेल पाए, जिन्होंने छह पारियों में 97 रन बनाए। दबाव के क्षणों में उनका प्रदर्शन बांग्लादेश को फाइनल में पहुंचने से रोक पाया।
यह थी क्रिकट्रैकर द्वारा बनाई गई एशिया कप की सबसे कमजोर ग्यारह। कौन होगा आपकी टीम में? कमेंट्स में बताएं।