क्रिकेट के इतिहास में हुआ पहली बार, 26 साल की उम्र में इस युवा खिलाड़ी को जबरदस्ती लेना पड़ा संन्यास
पुकोवस्की ने अपने डेब्यू मैच में डेविड वॉर्नर के साथ बल्लेबाजी की थी और उन्होंने पहली पारी में 62 रन और दूसरी पारी में 10 रन बनाए थे।
अद्यतन - Aug 29, 2024 8:01 pm

ऑस्ट्रेलिया के युवा क्रिकेटर विल पुकोवस्की को जबरदस्ती संन्यास दिलवा दिया गया। ऑस्ट्रेलिया के लिए एक टेस्ट मैच खेल चुके सिर्फ 26 वर्षीय पुकोवस्की को मेडिकल पैनल की सलाह पर मजबूरन रिटायरमेंट लेना पड़ा है। क्रिकेट इतिहास में इस तरह का यह पहला और अनोखा मामला है। पुकोवस्की की तकनीक इतनी खराब थी कि अपने छोटे से करियर में 13 बार गेंद उनके हेलमेट में लगी थी। अब कन्कशन के चलते उनका खेल ‘शुरू’ होने से पहले ही खत्म हो गया।
विल पुकोवस्की का प्रदर्शन घरेलू क्रिकेट में काफी अच्छा रहा है। हालांकि, 13 बार गेंद हेलमेट में लगने की वजह से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बता दें, विल पुकोवस्की को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में भारत के खिलाफ जनवरी 2019 में खेले गए टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया टीम में शामिल किया गया था।
9News मेलबर्न के मुताबिक, युवा खिलाड़ी ने अब अपने क्रिकेटिंग करियर से संन्यास की घोषणा कर दी है। उन्होंने मेडिकल टीम से बातचीत करने के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। Nine News की ओर से बात करते हुए मॉरिस ने कहा कि, ‘ मेरी समझ यही है कि विशेषज्ञों का एक Independent पैनल ने विल पुकोवस्की को कहा है कि उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए और क्रिकेट विक्टोरिया में अब उनके लिए कुछ भी नहीं बचा है।
विल पुकोवस्की के टीम के साथियों के लिए भी यह खबर कोई हैरान करने वाली नहीं थी, क्योंकि सीजन के शुरू होने से पहले इस युवा खिलाड़ी को ट्रेनिंग करते हुए बिल्कुल भी देखा नहीं गया। यही नहीं वह ट्रैवलिंग विदेशी खिलाड़ी के रूप में ही नजर आए।’
प्रथम श्रेणी में 45 से अधिक की औसत से बनाए रन
पुकोवस्की ने 36 प्रथम श्रेणी मैचों में 45 से ज्यादा की औसत से 2350 रन बनाए थे। पुकोवस्की का सर्वाधिक स्कोर नाबाद 255 रन रहा। इतना ही नहीं उन्होंने सात शतक और 9 अर्धशतक भी बनाए हैं। पुकोवस्की ने अपने डेब्यू मैच में डेविड वॉर्नर के साथ बल्लेबाजी की थी और उन्होंने पहली पारी में 62 रन और दूसरी पारी में 10 रन बनाए थे।
तमाम लोगों को इस युवा खिलाड़ी से काफी उम्मीदें थी, लेकिन लगातार चोटिल होने की वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।