बीसीसीआई ने पांच साल की अवधि के लिए महिला आईपीएल के मीडिया अधिकारों के लिए निविदा जारी की - क्रिकट्रैकर हिंदी

बीसीसीआई ने पांच साल की अवधि के लिए महिला आईपीएल के मीडिया अधिकारों के लिए निविदा जारी की

बीसीसीआई के पास किसी भी स्तर पर बोली प्रक्रिया को रद्द करने या संशोधित करने का अधिकार है।

WIPL (Image Source: BCCI)
WIPL (Image Source: BCCI)

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 9 दिसंबर को 2023-27 के बीच पांच साल की अवधि के लिए महिला इंडियन प्रीमियर लीग (महिला आईपीएल) के मीडिया अधिकारों के लिए निविदा आमंत्रण (आईटीटी) जारी करने की घोषणा की, और इसके साथ ही इस टूर्नामेंट की तैयारियों की आधिकारिक रूप से शुरुआत हुई।

बीसीसीआई की आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल ने एक टेंडर प्रोसेस के माध्यम से प्रतिष्ठित संस्थाओं से पांच सीजनों (2023-2027) के लिए महिला आईपीएल (WIPL) के लिए मीडिया अधिकार हासिल करने के लिए बोलियां आमंत्रित की है। आपको बता दें, आईटीटी दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया इस दस्तावेज के अनुबंध A में दी गई है, और यह 31 दिसंबर 2022 तक खरीदारी के लिए उपलब्ध रहेगा।

बीसीसीआई ने की महिला आईपीएल की पुष्टि

बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने कहा है कि महिला आईपीएल (WIPL) के मीडिया अधिकारों के लिए आवश्यक पात्रता, बोलियों को प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, प्रस्तावित मीडिया अधिकार पैकेज आदि जैसी सभी जानकारियां आईटीटी में दी गई हैं, जो मीडिया अधिकारों के लिए इच्छुक पार्टियों को 5,00,000 रुपये की राशि में उपलब्ध कराया गया है। यह राशि नॉन-रिफंडेबल होगी, जहां लागू वस्तु एवं सेवा कर अलग है।

बीसीसीआई ने प्रेस रिलीज में कहा महिला आईपीएल (WIPL) के मीडिया अधिकारों को खरीदने की इच्छुक पार्टियों को अनुबंध ए में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आईटीटी की खरीद के लिए किए गए भुगतान का विवरण wipl.mediarights@bcci.tv पर ईमेल करना होगा। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने यह भी साफ तौर पर कहा है कि आईटीटी दस्तावेजों को पांच लाख के नॉन-रिफंडेबल शुल्क के भुगतान की प्राप्ति पर ही साझा किया जाएगा।

महिला आईपीएल (WIPL) के मीडिया अधिकारों के लिए बोलियां लगाने वाली इच्छुक पार्टी के लिए ITT खरीदना आवश्यक है, तभी वे इस प्रक्रिया में भाग ले पाएंगे। हालांकि, केवल आईटीटी में निर्धारित पात्रता मानदंडों, उसमें निर्धारित अन्य नियमों और शर्तों को पूरा करने वाली पार्टियां ही बोली लगाने के लिए पात्र होगी। बीसीसीआई के पास किसी भी स्तर पर बोली प्रक्रिया को रद्द करने या संशोधित करने का अधिकार है।

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