मैंने हांगकांग के खिलाफ अपने प्लान के हिसाब से बल्लेबाजी की: सूर्यकुमार यादव
मेरी सिर्फ यही भूमिका थी कि मैदान पर उतरकर तेजी से रन बनाने हैं और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाना है: सूर्यकुमार यादव
अद्यतन - सितम्बर 1, 2022 2:53 अपराह्न

31 अगस्त को खेले गए हांगकांग के खिलाफ मुकाबले में सूर्यकुमार यादव ने 26 गेंदों में 6 चौके और 6 छक्कों की मदद से 68* रन की आक्रामक पारी खेली और भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। यादव और विराट कोहली ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 98* रन की शानदार साझेदारी की, जिसकी बदौलत भारतीय टीम 20 ओवर में 2 विकेट खोकर 192 रन बना पाई। बता दें, इस मुकाबले में विराट कोहली ने 44 गेंदों में 59* रन की बहुमूल्य पारी खेली।
सूर्यकुमार यादव ने मैदान के हर तरफ शॉट्स खेले। उन्होंने अपना अर्धशतक मात्र 22 गेंदों में ही पूरा कर लिया था। यही नहीं 20वां ओवर फेंकने आए हारून अरशद को सूर्यकुमार ने 26 रन जड़े। विराट कोहली भी इस मुकाबले में अपनी पुरानी लय में दिखे। वो काफी समय से आउट ऑफ फॉर्म चल रहे थे और तमाम लोग उनको बड़ा स्कोर बनाते हुए देखना चाहते थे। हांगकांग इस पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाई और 20 ओवर में 5 विकेट खोकर मात्र 152 रन ही बना पाई।
मैंने उन शॉट्स का अभ्यास कभी नहीं किया था: सूर्यकुमार यादव
पारी खत्म होने के बाद सूर्यकुमार यादव ने अपने कप्तान रोहित शर्मा और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के साथ हुई बातचीत के बारे में खुलासा किया। उन्होंने कहा कि, ‘मैंने उन शॉट्स का अभ्यास कभी नहीं किया था, लेकिन मैं बचपन में अपने दोस्तों के साथ रबड़ गेंद क्रिकेट खेलता था और यह सभी शॉट्स वहीं से आए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि, ‘पहले गेंद बल्लेबाज के पास थोड़ी रुक कर आ रही थी, जब मैं बल्लेबाजी करने गया तो मैंने रोहित और ऋषभ से बात की और उनको बताया कि मैं आक्रामक बल्लेबाज़ी करूंगा और स्कोर को 170-175 तक ले जाऊंगा। मुझे लगता है कि इस विकेट पर हमने अच्छा स्कोर बनाया है।
आपको हर बल्लेबाजी क्रम में खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए: सूर्यकुमार यादव
बता दें, सूर्यकुमार यादव की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवार्ड से नवाजा गया। उन्होंने मुकाबले के बाद प्रेजेंटेशन में कहा कि, ‘इस प्रारूप में आपको पहले से ही काफी कुछ सोचना चाहिए और जब आप बल्लेबाजी करने जाए तब आने वाली मुश्किलों के लिए तैयार रहें। आपको बस अपने पर विश्वास होना चाहिए। मुझे लगा कि यह विकेट काफी धीमा है। मेरी योजना साफ थी।’
मेरी सिर्फ यही भूमिका थी कि मैदान पर उतरकर तेजी से रन बनाने हैं और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाना है। आपको अलग-अलग बल्लेबाजी क्रम में खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। मैंने भारतीय टीम के लिए ओपनिंग भी की है और कई अलग-अलग बल्लेबाजी क्रम में भी खेला है। मुझे यह पारी खेलकर बहुत अच्छा लगा।