आईपीएल के लिए पुलिस सुरक्षा शुल्क घटाया तो बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को फटकारा, याचिका भी की स्वीकार
बकाया शुल्क करीब 14.82 करोड़ का है।
अद्यतन - Aug 30, 2024 4:01 pm

आज 29 अगस्त, गुरुवार को बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सहित क्रिकेट मैच आयोजनों के लिए पुलिस सुरक्षा प्रदान करने वाली फीस में अप्रत्याशित और अनुचित कटौती के लिए महाराष्ट्र राज्य सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए फटकार लगाई है।
यह आईपीएल मैच फीस 2013 से लेकर 2018 तक मुंबई के वानखेड़े और ब्रेबाॅर्न स्टेडियम में हुए मैचों के दौरान की है। और मुंबई पुलिस विभाग का करीब 14.82 करोड़ रुपये मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) पर बकाया है।
तो वहीं जब इस बकाया राशि को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने एक सरकारी परिपत्र यह सूचना दी कि इन मैचों के दौरान प्रति मैच सुरक्षा फीस को 25 लाख से 10 लाख कर दिया है। उक्त सूचना के सामान्य जानकारी में आने के बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता अनिल गलगली ने सूचना का अधिकार का इस्तेमाल करते हुए एक याचिका दायर की है। साथ ही अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार भी कर लिया है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को लगाई फटकार
गौरतलब है कि पुलिस विभाग ने करीब 35 बार पत्र लिखकर क्रिकेट बोर्ड से अपने बकाया पैसे की मांग की, लेकिन उनकी ओर से कोई भी जबाव नहीं आया। तो वहीं जब इस मामले की बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई हुई तो बेंच ने प्रतिपक्ष की ओर से पेश वकील को कहा-
ये क्या है मैडम? आप जनता के लिए, यहां तक कि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के लिए भी पानी शुल्क बढ़ाते रहते हैं, लेकिन इस फीस को कम कर रहे हैं। बीसीसीआई विश्व स्तर पर सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड में से एक है। इस तरह वे अमीर बनते जाते हैं।
साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उक्त मामले पर अगली सुनवाई बॉम्बे हाई कोर्ट 8 अक्टूबर 2024 को करेगा, जिसमें पीठ के समक्ष विधिवत शपथ पत्र दाखिल करना होगा। देखने लायक बात होगी कि अब इस मामले पर कोर्ट का क्या फैसला सामने आता है?