Rohit Virat BGT

रोहित-विराट सहित इन प्लेयर का करियर BGT के बाद हो सकता है खत्म, आंकड़े दे रहे हैं गवाही

इन दिनों टीम इंडिया है ऑस्ट्रेलिया दौरे पर।

Rohit Sharma & Virat Kohli (Photo Source: X)
Rohit Sharma & Virat Kohli (Photo Source: X)

टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। सीरीज में अभी तक दो मुकाबले खेले जा चुके हैं और सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। ये सीरीज जितना दोनों टीमों के लिए अहम है, उतना ही अहम भारत के कुछ सीनियर खिलाड़ियों के लिए भी है। ये कोई और नहीं, बल्कि कप्तान रोहित शर्मा, स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और स्पिनर रविचंद्रन अश्विन हैं।

अगर इन खिलाड़ियों को अपना करियर बचाना है तो उन्हें हर हाल में सबसे पहले तो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन करना होगा और टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुचाना होगा। यहां तक कि फाइनल भी जीतना होगा। अगर ये खिलाड़ी ऐसा करने में नाकाम रहते हैं तो फिर इनका इंग्लैंड के दौरे पर खेली जाने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम में चुना जाना संभव नहीं लगता।

बीजीटी से पहले इस तरह की कई रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं, जिसमें कहा गया है कि सीनियर खिलाड़ियों को चयनकर्ताओं ने अल्टीमेटम दे दिया है। वे इस समय ऑस्ट्रेलिया में हैं। ऐसे में इन तीन खिलाड़ियों के लिए ये सीरीज आखिरी भी साबित हो सकती है।

विराट, रोहित और आश्विन के हालिया आंकड़े:

रोहित शर्मा: रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट की पिछली 12 पारियों पर नजर डालें तो वे एक बार ही अर्धशतक लगा पाए हैं। कुल चार पारियों में वे दहाई का आंकड़ा पार कर पाए हैं और 8 बार सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हुए हैं। कप्तान के तौर पर लगातार पिछले 4 टेस्ट मैच वे हार गए हैं। ऐसे में अब उन पर एक बल्लेबाज और एक कप्तान के तौर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव है। उन्हें किसी हाल भी हाल में आगामी BGT में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

विराट कोहली: भले ही पर्थ टेस्ट मैच में विराट कोहली ने शानदार शतक लगाया हो, लेकिन इसके बाद एडिलेड में बुरी तरह फ्लॉप रहे और पिछले करीब आधा दर्जन मैचों में वो फॉर्म में नहीं थे। ऐसे में आने वाले तीन मैच उनके करियर के सबसे अहम मैच हैं। अगर टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वॉलिफाई नहीं कर पाती है तो विराट कोहली के करियर भी यहीं खत्म हो सकता है।

आर आश्विन: आर अश्विन भारत के सबसे सफल स्पिनर हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका करियर अंतिम पड़ाव पर है। वे प्रमुख स्पिनर के तौर पर खेल रहे हैं, लेकिन टीम से अंदर-बाहर भी हो रहे हैं। पिंक बॉल टेस्ट मैच में उनको मौका मिला, लेकिन वे बल्ले और गेंद से प्रभाव नहीं छोड़ पाए। बतौर बल्लेबाज पिछली 9 पारियों में अश्विन के 81 रन हैं, जबकि बतौर गेंदबाज वे 9 पारियों में 15 विकेट निकाल पाए हैं। अश्विन इस समय 38 साल के हैं और उनका ये आखिरी ऑस्ट्रेलिया दौरा है।

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