ट्रेविस हेड को अगर भारतीय हालात में अच्छा प्रदर्शन करना है तो उन्हें स्पिनरों को अच्छी तरह से खेलना होगा: एलन बॉर्डर
ट्रेविस हेड को शांत स्वभाव से बैठकर यह सोचना चाहिए कि इस समय जो उनका फॉर्म चल रहा है उसे ठीक कैसे किया जाए: एलन बॉर्डर
अद्यतन - Jul 25, 2022 5:35 pm

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर एलन बॉर्डर चाहते हैं कि टीम के बेहतरीन बल्लेबाज ट्रेविस हेड भारतीय उपमहाद्वीप में भारत के खिलाफ आगामी बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के लिए और भी कड़ी मेहनत करें और स्पिनरों को ज्यादा से ज्यादा खेलें। ऑस्ट्रेलिया के इस मध्यक्रम बल्लेबाज ने एशेज में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो शतक जड़े थे। लेकिन इस साल एशिया में उन्होंने पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ 15.17 के औसत से 26 के उच्चतम स्कोर के साथ सिर्फ 91 रन बनाए।
अगले साल ऑस्ट्रेलिया भारत दौरे पर टेस्ट सीरीज खेलने आ रही है। ऑस्ट्रेलिया इस टेस्ट सीरीज को जीतने के लिए अपनी पूरी जान लगाने को तैयार होगी। बता दें, 2004 से ऑस्ट्रेलिया ने इंडिया में सिर्फ एक टेस्ट मुकाबला जीता है और बॉर्डर को लगता है कि हेड टीम के लिए एक बेहतरीन बल्लेबाज साबित हो सकते हैं अगर वो स्पिन गेंदबाजी को थोड़ा और अच्छी तरह से खेल सके।
खुद एलन बॉर्डर ने एशिया में 1,799 टेस्ट रन बनाए हैं। यही नहीं उन्होंने 6 शतक भी जड़े हैं। उनका मानना है कि ट्रेविस हेड को स्वीप शॉट थोड़ा और अच्छी तरह से खेलना चाहिए।
एलन बॉर्डर का ट्रेविस हेड को संदेश
क्रिकेट.कॉम.एयू के मुताबिक एलन बॉर्डर ने कहा कि, ‘उन्हें शांत स्वभाव से बैठकर यह सोचना चाहिए कि इस समय जो उनका फॉर्म चल रहा है उसे ठीक कैसे किया जाए। बाकी जगहों में तो उनका प्रदर्शन काफी अच्छा है लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप में वो बिल्कुल अलग ही खेल खेलते हैं।
मैंने उनसे मुलाकात की और विकेटों पर बल्लेबाजी के बारे में थोड़ी बात की है। उनको स्वीप करना सीखना चाहिए और वो भी अच्छी तरह से। उन्हें अपने पैरों को सही तरीके से चलाना चाहिए। कई खिलाड़ियों को पता नहीं होता कि कब उन्हें आगे बढ़कर शॉट्स खेलने है और कब नहीं।
हेड काफी अच्छे खिलाड़ी हैं लेकिन जब गेंद घूम रही हो तब उनके लिए काफी परेशानी हो जाती है। उन्हें कुछ चीजों पर अभी भी काम करना जरूरी है। उपमहाद्वीप की पिचों पर यह बेहद जरूरी है कि कब आप स्वीप शॉट खेल रहे हैं, कब आप अपने पैरों को चला रहे हैं, आगे कब बढ़ रहे हैं, गेंद को रोक कब रहे हैं और अच्छी तरह से धीमे हाथों से कब खेल रहे हैं। उन्हें यह सीखना चाहिए कि जब गेंद घूम रही हो तब कैसी बल्लेबाजी करना जरूरी है।