दीप्ति शर्मा-चार्ली डीन रन-आउट विवाद को लेकर बेन स्टोक्स और हर्षा भोगले में छिड़ा युद्ध
बेन स्टोक्स और हर्षा भोगले के बीच शब्दों का युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा!
अद्यतन - Oct 1, 2022 6:34 pm

इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान और स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया के माध्यम से दीप्ति शर्मा-चार्ली डीन रन-आउट विवाद को लेकर अनुभवी और प्रसिद्ध प्रेसेंटेटर हर्षा भोगले के कठोर शब्दों पर पलटवार किया है, जहां उन्होंने इंग्लैंड की दूसरों पर हुकूमत चलाने की मानसिकता पर प्रकाश डाला।
दरअसल, हर्षा भोगले ने 30 सितंबर को पिछले हफ्ते भारत बनाम इंग्लैंड वनडे मैच के दौरान चार्ली डीन को मैनकडिंग के जरिए आउट करने के लिए आलोचना का शिकार हो रही दीप्ति के समर्थन में कई सारे ट्वीट किए थे। उन्होंने अपने ट्वीट के माध्यम से इंग्लैंड की मीडिया और क्रिकेटरों की आलोचना की, क्योंकि वह खेल के नियमों के अधीन खेलने वाली दीप्ति की अनावश्यक आलोचना कर रहे हैं।
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा: “मुझे लगता है कि यह एक सांस्कृतिक चीज है। अंग्रेजों ने सोचा कि ऐसा करना गलत है, और क्योंकि उन्होंने क्रिकेट की दुनिया पर बहुत लंबे समय तक राज किया है, और उन्होंने सभी को बताया कि मांकडिंग गलत है। औपनिवेशिक शासन इतना शक्तिशाली था कि कुछ लोगों ने सही चीजों पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया, और आज भी उनकी मानसिकता वैसी ही है।”
बेन स्टोक्स और हर्षा भोगले के बीच का शब्दों का युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा
Harsha … bringing culture into peoples opinion over a Mankad? https://t.co/QNyY8K59kP
— Ben Stokes (@benstokes38) October 1, 2022
हर्षा भोगले की यह टिप्पणी बेन स्टोक्स को बिलकुल रास नहीं आई, और उन्होंने पलटवार करते हुए ट्विटर पर लिखा: “हर्षा… मांकड़ को लेकर लोगों की राय में संस्कृति लाना कितना सही है?” जिस पर भारतीय प्रेसेंटेटर ने जवाब में लिखा: “यह विश्वास करना बंद करे कि दुनिया को उनके इशारों पर चलना चाहिए। जैसे समाज में जहां जज देश के कानून को लागू करते हैं, थी वैसे ही क्रिकेट में भी होता है। लेकिन मैं इस चीज से परेशान हूं कि दीप्ति को बिना किसी गलती के टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने नियमों के अधीन खेला और आलोचकों को अब अपना मुंह बंद करना चाहिए।”
stop believing that the world must move at their bidding. As in society, where judges implement the law of the land, so too in cricket. But I remain disturbed by the vitriol directed towards Deepti. She played by the laws of the game and criticism of what she did must stop
— Harsha Bhogle (@bhogleharsha) September 30, 2022
जिसके बाद फिर क्या था, स्टोक्स एक और ट्वीट के साथ भोगले पर टूट पड़े, उन्होंने लिखा: “हर्षा….2019 वर्ल्ड कप फाइनल दो साल पहले खत्म हो गया, लेकिन आज भी भारतीय प्रशंसकों के अनगिनत संदेश आते है, जहां वे मेरी आलोचना करते हैं, क्या आपको इस चीज से परेशानी होती है?”
Harsha .. 2019 WC final was over 2 years ago, I still till this day revive countless messages calling me all sorts from Indian fans, does this disturb you? https://t.co/m3wDGM7eU3
— Ben Stokes (@benstokes38) October 1, 2022
Is this a culture thing?? ….absolutely not,I receive messages regarding the overthrows from people all over world,as people all over the world have made comment’s on the Mankad dismissal, not just people who are English https://t.co/m3wDGMpo8b
— Ben Stokes (@benstokes38) October 1, 2022
इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर के इस ट्वीट के जवाब में हर्षा ने लिखा: “ठीक है, उसमें तुम्हारा कोई दोष नहीं था। लेकिन नॉन-स्ट्राइकर बैक अप के लिए इंग्लैंड से जो प्रतिक्रिया आ रही है, उसे देखकर मुझे लगता है कि जब आप खेल सीखते हैं और संस्कृति का हिस्सा होते हैं, तो आपको यही बताया जाता है कि मांकड़ गलत है। अगर आपके पास समय हो तो किसी दिन इसके बारे में बात करके बहुत खुशी होगी।”
Well, you were not at fault on that one so with you there. On the reaction in England to the non-striker backing up, I think it is what you are told when you learn the game and so, part of culture. Very happy to chat about it one day if you have a moment. Cheers
— Harsha Bhogle (@bhogleharsha) October 1, 2022
लेकिन बेन स्टोक्स तो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं, उन्होंने एक और ट्वीट कर दिया और कहा: “इस मांकडिंग घटना पर बाकी दुनिया की प्रतिक्रिया के बारे में क्या? इंग्लैंड एकमात्र क्रिकेट खेलने वाला देश नहीं है, जिसने दीप्ति के फैसले के बारे में बात की है।”
What about the rest of the worlds reaction to this particular incident?
England isn’t the only cricket playing nation who have spoken about the ruling . https://t.co/DlbqlbhSAT
— Ben Stokes (@benstokes38) October 1, 2022