गुजरात के ठगों द्वारा आयोजित फर्जी आईपीएल को लेकर हर्षा भोगले ने लगाए ठहाके
इस फर्जी आईपीएल में हर्षा भोगले की नकल के लिए भी पूरा बंदोबस्त किया गया था!
अद्यतन - जुलाई 11, 2022 6:01 अपराह्न

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के प्रशंसक दुनिया भर में हैं, और दुनिया की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी लीग के चलते टी-20 क्रिकेट के विकास में वैश्विक स्तर पर अविश्वसनीय रूप से वृद्धि हुई है।
इस बीच, गुजरात के एक छोटे समूह ने कथित तौर पर आईपीएल (IPL) के नकली संस्करण की साजिश रचकर कुछ रूसी जुआरियों को इस योजना में शामिल करने की कोशिश की है। इस नकली आईपीएल (IPL) के मैच एक स्थानीय फार्म में हुए और जालसाज विदेशियों को इस जाल में फंसाने में सफल रहे।
खबरों के अनुसार, मैचों को रिकॉर्ड करने के लिए पांच हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाए गए थे और खेत के श्रमिकों को क्रिकेट खिलाड़ियों में बदल दिया गया था। सबसे दिलचस्प बात तो ये थी कि अंपायरों ने इन मैचों को आधिकारिक साबित करने के लिए नकली वॉकी-टॉकी का उपयोग किया, और मेरठ के एक कमेंटेटर, जो हर्षा भोगले की नकल करने में सक्षम थे, को इस योजना का बड़ा हिस्सा बनाया गया था, और उन्हें कमेंट्री विभाग सौंपा गया था।
हर्षा भोगले की नकल के लिए भी पूरा बंदोबस्त किया गया था
इस नकली लीग की जानकारी पाने के बाद प्रसिद्ध टेलीविजन प्रस्तोता और कमेंटेटर हर्षा भोगले की हंसी फुट पड़ी और उन्होंने सोशल मीडिया पर इस जानकारी को साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। हर्षा भोगले ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस खबर की एक तस्वीर साझा की और कैप्शन में लिखा: “मैं अपनी हंसी नहीं रोक पा रहा हूं। इस ‘टिप्पणीकार’ को अवश्य सुनें।
Can't stop laughing. Must hear this "commentator" pic.twitter.com/H4EcTBkJVa
— Harsha Bhogle (@bhogleharsha) July 11, 2022
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मोलीपुर गांव के करीब 21 बेरोजगार युवाओं ने खिलाड़ियों की भूमिका निभाई। उन्होंने बारी-बारी से गुजरात टाइटन्स, मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स की जर्सी पहनकर क्रिकेट खेला ताकि यह असली आईपीएल लगे। सबसे मजेदार बात तो यह है की उन्होंने इस लीग को वास्तविक और प्रामाणिक दिखाने के लिए इंटरनेट से नकली म्यूजिक चुराकर भीड़ के शोर का दिखावा किया।
इस नकली प्रतियोगिता का नाम इंडियन प्रीमियर क्रिकेट लीग था, और मैचों का सीधा प्रसारण एक यूट्यूब चैनल पर किया जाता था। गुजरात के गिरोह ने मैचों के समापन के तीन सप्ताह बाद एक टेलीग्राम समूह के जरिए अपने नकली टूर्नामेंट के माध्यम से रूसियों से धन को लूटने की साजिश की और साथ ही उन्हें दांव लगाने के लिए आमंत्रित भी किया।
इस नकली प्रतियोगिता के आयोजकों को मेहसाणा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने से पहले फर्जी आईपीएल ‘क्वार्टर फाइनल’ स्तर तक पहुंच गया था। पुलिस ने कथित तौर पर शोएब दावड़ा को “मुख्य आयोजक” करार दिया, जो रूस में आठ महीने तक काम करने के बाद भारत लौटा था।