10,000 रन पूरे करना ऐसा है जैसे माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करना: सुनील गावस्कर
सुनील गावस्कर ने जिस पारी में अपने 10,000 रन पूरे किए थे, उसमें उनको शुरुआत में इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए 57 रन चाहिए थे।
अद्यतन - जून 6, 2022 5:04 अपराह्न

इंग्लैंड के जो रूट ने 6 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में अपने 10,000 टेस्ट रन पूरे किए। इसी के साथ इस मुकाम को हासिल करने वाले वो 14वें खिलाड़ी बन चुके हैं। इस बीच भारत के पूर्व बल्लेबाज सुनील गावस्कर, जिन्होंने इस रिकॉर्ड को सबसे पहले अपने नाम किया था, ने कहा कि इस लम्हे को जीना अपने आप में एक अलग ही जादू होता है।
बता दें, सुनील गावस्कर ने जिस पारी में अपने 10,000 रन पूरे किए थे, उसमें उनको शुरुआत में इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए 57 रन चाहिए थे। उन्होंने कहा कि “जब तक ये रिकॉर्ड नहीं बन गया, तब तक मैंने स्कोरकार्ड को देखा ही नहीं लेकिन जब उन्होंने 50 रन जड़े और अहमदाबाद में लोगों ने ताली बजाई तो उनको पता चल गया था कि अब बस 7 रन और बचे हैं। जब उन्होंने 10,000 रन पूरे कर लिए, तब उन्होंने कहा कि, ये एकदम जादू जैसा था और मुझे थोड़े समय के लिए कुछ समझ नहीं आया था कि क्या प्रतिक्रिया देनी चाहिए।”
सभी मुझसे मिलकर 10,000-10,000 कह रहे थे: सुनील गावस्कर
1987 की वो ऐतिहासिक पारी को याद करते हुए सुनील गावस्कर ने बताया कि, “उस समय के भारतीय कप्तान कपिल देव ने स्पेशल परमिशन के तहत एक शैंपेन मंगवाई थी और सभी लोगों ने टेस्ट मुकाबले के बीच में एक-एक सिप लिया था। चाहे खिलाड़ी हो या सपोर्ट स्टाफ सभी ने इस रिकॉर्ड में मुझे बधाई दी थी।”
इससे पहले सुनील गावस्कर टेस्ट में 9000 रन पूरे करने वाले भी पहले बल्लेबाज थे लेकिन उन्होंने कहा कि 10,000 रन को पूरा करना एक अलग ही सुकून था। गावस्कर पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने टेस्ट में 30 शतक जड़े थे। उन्होंने कुल 125 टेस्ट मुकाबलों में 34 शतक जड़े थे और 51.12 के औसत से 10,122 रन बनाए थे। यही नहीं, 1983 वर्ल्ड कप में वो भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा भी रहे थे जिन्होंने इंग्लैंड में अपना पहला वर्ल्ड कप जीता था।
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए गावस्कर ने कहा कि, “10,000 रन पांच डिजित का नंबर है और इसे पूरा करना मतलब माउंट एवरेस्ट पर पहली बार चढ़ाई करने जैसा है। मुझे काफी जल्दी थी इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए। जब मैंने इस रिकॉर्ड को बना लिया था तो सब ने यही कहकर बधाई दी थी कि 10,000-10,000। तो उस समय मैं काफी खुश था। मुझे आज भी याद है कि अहमदाबाद में यह मुकाबला चल रहा था और वो एक ड्राई स्टेट है लेकिन हमारी टीम के कप्तान कपिल देव ने कहीं से एक शैंपेन का जुगाड़ किया था और हम सब खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने टेस्ट मुकाबले के बीच में इस शैंपेन की एक-एक सिप ली थी।”