शाहिद अफरीदी ने कहा भारत को अपना दुश्मन, तो दानिश कनेरिया ने लगा दी उनकी क्लास - क्रिकट्रैकर हिंदी

शाहिद अफरीदी ने कहा भारत को अपना दुश्मन, तो दानिश कनेरिया ने लगा दी उनकी क्लास

कनेरिया ने हाल में अफरीदी पर पक्षपात और उनके खिलाफ टीम के खिलाड़ियों को भड़काने का आरोप लगाया था।

Danish Kaneria and Shahid Afridi
Danish Kaneria and Shahid Afridi. (Photo Source: Twitter and Getty Images)

हाल ही में हुए एक इंटरव्यू में पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने बताया कि, उनके साथी खिलाड़ी शाहिद अफरीदी ने उनको अपना धर्म परिवर्तन कर इस्लाम को अपनाने को कहा। लेकिन इस आपत्तिजनक इंटरव्यू के बाद शाहिद अफरीदी ने दिनेश कनेरिया को फटकार लगाते हुए कहा कि, उनको हमारे ‘दुश्मन देश’ को इंटरव्यू देना बंद कर देना चाहिए। यही नहीं अफरीदी ने कनेरिया पर इस तरह के इंटरव्यू देकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का भी आरोप लगाया है।

इसके जवाब में दानिश ने कहा है कि, भारत हमारा दुश्मन नहीं है बल्कि वो लोग हैं जो धर्म के नाम पर एक दूसरे मुल्क के लोगों को भड़का रहे हैं। इसके आगे दानिश ने कहा है कि, जब उन्होंने इन सब बातों के लिए आवाज उठाने की कोशिश की तो उनको धमकियां मिलीं कि अगर उन्होंने कुछ भी कहा तो उनका करियर खत्म कर दिया जाएगा।

कनेरिया ने ट्वीट किया, “भारत हमारा दुश्मन नहीं है। हमारे दुश्मन वे लोग हैं, जो धर्म के नाम पर लोगों को अलग करते हैं। अगर तुम भारत को अपना दुश्मन समझते हो, तो कभी किसी भारतीय चैनल पर मत जाना। जब मैंने जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ आवाज उठाई थी, तब मुझे धमकी मिली थी कि मेरा करियर तबाह कर दिया जाएगा।”

यहां देखिए दानिश कनेरिया का वो ट्वीट

इससे पहले भी शाहिद अफरीदी कनेरिया के चरित्र पर उठा चुके हैं उंगली

इससे पहले शाहिद अफरीदी ने कहा था कि अगर दानिश कनेरिया को पहले से धमकियां मिल रही है तो उनको यह बात सबसे पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को जाकर बतानी चाहिए ना कि इधर उधर इंटरव्यू में जाकर। उन्होंने आगे कहा कि, दानिश कनेरिया पहले भी मैच फिक्सिंग की वजह से अपना करियर बर्बाद कर चुके हैं और साथ ही देश का नाम भी खराब कर चुके हैं।

news.com.pk.के हवाले से अफरीदी ने पहले भी कहा था कि, अगर मेरा रवैया खराब था तो उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड या जिस विभाग के लिए वो खेल रहे थे, उनसे शिकायत क्यों नहीं की। वह हमारे दुश्मन देश को इंटरव्यू दे रहे हैं जो धार्मिक भावनाओं को भड़का सकते हैं। और जो यह सब कह रहे हैं वो सबसे पहले खुद अपने चरित्र को देखें।