ऑस्ट्रेलिया में कड़े कोविड-19 प्रतिबंधों के बीच ECB ने एशेज सीरीज छोड़ने के दिए संकेत - क्रिकट्रैकर हिंदी

ऑस्ट्रेलिया में कड़े कोविड-19 प्रतिबंधों के बीच ECB ने एशेज सीरीज छोड़ने के दिए संकेत

टी-20 वर्ल्ड कप के ठीक बाद ऑस्ट्रेलिया में इस एशेज सीरीज का आयोजन किया जाना है।

England captain Joe Root (l) and Australia captain Tim Paine pictured with the Ashes trophy. (Photo by Stu Forster/Getty Images)

एशेज सीरीज इस साल 8 दिसंबर से शुरू होगी लेकिन ऑस्ट्रेलिया के सख्त क्वारंटाइन नियमों को देखते हुए इंग्लैंड के खिलाड़ी इस सीरीज में जाने से कतरा रहे हैं। इसी बीच खबर ये भी आई है कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) इस हफ्ते के अंत तक इस सीरीज को लेकर कठोर फैसला ले सकता है। कोरोना महामारी के बीच आस्ट्रेलिया में लागू कड़े कोविड-19 प्रोटोकॉल के बीच इंग्लैंड बोर्ड ने कहा कि इस सप्ताह ऐलान किया जाएगा कि टीम ऑस्ट्रेलिया जाएगी या नहीं।

एशेज सीरीज को लेकर ईसीबी ने क्या कहा ?

ईसीबी ने सोमवार (4 अक्टूबर) को एक बयान जारी करते हुए कहा है कि “बोर्ड इस सप्ताह के अंत में यह तय करने के लिए बैठक करेगा कि क्या दौरे को आगे बढ़ाने के लिए लागू शर्तें पर्याप्त हैं या नहीं। इसके साथ ही हम इस महत्वपूर्ण श्रृंखला के लिए टीम के चयन पर फैसला करेंगे।”

ECB ने अपने बयान में आगे ये भी कहा कि “एशेज दौरे के आयोजन के बारे में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ नियमित और सकारात्मक रूप में बातचीत हो रही है। इसमें सबके स्वास्थ्य और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और उसके बाद ही कुछ फैसला लिया जाएगा।

बोर्ड के फैसले से पहले ये एक खबर ये भी सामने आई है कि आगामी सीरीज के लिए इंग्लैंड के 10 खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए तैयार हैं। पिछले हफ्ते इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने एशेज को लेकर कहा था कि इस सीरीज के लिए अपनी उपलब्धता पर अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। जो रूट के इसी बयान पर ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट कप्तान टिम पेन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी।

जो रूट के बिना भी एशेज सीरीज तय वक्त पर शुरू होगी: टिम पेन

जो रूट के इस सीरीज में अपनी अनुपलब्धता को लेकर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन ने कहा था कि “एशेज सीरीज तय समय पर आयोजित की जाएगी। पहला टेस्ट आठ दिसंबर से शुरू होगा, भले ही रूट यहां आएं या नहीं। वे सभी आना चाहते हैं, इसमें कोई शक नहीं है। उनके पास विकल्प मौजूद है कि वे यहां आने के लिए फ्लाइट में बैठना चाहते हैं या नहीं। कोई भी किसी भी इंग्लैंड के खिलाड़ी को यहां आने के लिए मजबूर नहीं कर रहा है। अगर आप नहीं आना चाहते तो ना आएं।”