एलिसे पेरी ने महिला एशेज और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हासिल की अद्भुत उपलब्धि
डालिये एक नजर ऑस्ट्रेलिया की महिला दिग्गज ऑलराउंडर एलिसे पेरी की अब तक की उपलब्धियों पर।
अद्यतन - मार्च 3, 2022 11:47 पूर्वाह्न

ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज ऑलराउंडर और वर्तमान कप्तान एलिसे पेरी खेल के टी-20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में सर्वकालिक रन बनाने वाले और विकेट लेने वाले खिलाड़ी के रूप में चार्ट के शीर्ष पर जगह बनाने के बाद महिला क्रिकेट की निर्विवाद रानी बन गई हैं।
एलिसे पेरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 300 विकेट लेने और 5000 से ज्यादा रन बनाने वाली महिला क्रिकेट में विश्व की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने यह चौंकाने वाली उपलब्धि ऑस्ट्रेलिया में जारी महिला एशेज 2022 सीरीज के दौरान हासिल की हैं।
वह महिला एशेज के इतिहास में भी सबसे ज्यादा रन (1552*) और विकेट (68*) लेने वाली खिलाड़ी भी बन गई हैं। ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर के करियर का बल्लेबाजी औसत 75.20 का है, जो सर्वकालिक महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दूसरे स्थान पर है, जबकि उनकी गेंदबाजी औसत 19.97 शीर्ष 25 में शामिल है।
एलिसे पेरी की उपलब्धियों पर एक नजर डालिये
बता दें, एलिसे पेरी दुनिया की दिग्गज महिला क्रिकेटरों में से एक हैं। उन्हें ऑस्ट्रेलिया की अब तक की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर के रूप में माना जाता है। गेंद और बल्ले दोनों के साथ लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के चलते वह ऑस्ट्रेलियाई टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
वह तीन बार 2017, 2019 और 2020 में आईसीसी महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड भी जीत चुकी हैं। इसके अलावा, एलिसे पेरी को ऑस्ट्रेलिया की सर्वश्रेष्ठ महला क्रिकेटर ऑफ द ईयर के लिए बेलिंडा क्लार्क अवॉर्ड से तीन बार नवाजा जा चूका है। एलिसे पेरी का ICC अवार्ड्स ऑफ द डिकेड में भी जलवा रहा। 31-वर्षीय ऑलराउंडर को इस दशक की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर, सर्वश्रेष्ठ महिला वनडे क्रिकेटर और सर्वश्रेष्ठ महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में सम्मानित किया गया हैं।
दिग्गज ऑलराउंडर ने अपना टी-20 अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू 1 फरवरी 2008 को इंग्लैंड के खिलाफ किया था। उन्होंने अब तक 126 टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। एलिसे पेरी ऑस्ट्रेलिया के लिए इंटरनेशनल लेवल पर फुटबॉलर भी रह चुकी हैं। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में फुटबॉल और क्रिकेट दोनों में अपना डेब्यू कर लिया था, लेकिन आगे चलकर उन्होंने क्रिकेट को करियर के विकल्प के रूप में चुना।