आकाश चोपड़ा ने बताया कोच रवि शास्त्री को जिन्दगी भर किस बात का मलाल रहेगा - क्रिकट्रैकर हिंदी

आकाश चोपड़ा ने बताया कोच रवि शास्त्री को जिन्दगी भर किस बात का मलाल रहेगा

बतौर कोच मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप रवि शास्त्री का आखिरी टूर्नामेंट होगा।

Aakash Chopra
Aakash Chopra. (Photo Source: Instagram)

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का मानना ​​है कि मुख्य कोच रवि शास्त्री इस बात से काफी दुखी होंगे कि टीम इंडिया उनके कार्यकाल में एक भी ICC ट्रॉफी अपने नाम नहीं कर पाई। शास्त्री ने ऐलान किया था कि 2021 का टी-20 वर्ल्ड कप बतौर कोच उनका अंतिम टूर्नामेंट होगा।

भारत के कोच के रूप में शास्त्री के कार्यकाल के बारे में बोलते हुए चोपड़ा ने कहा कि, टीम ने द्विपक्षीय सीरीज में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन टीम वनडे वर्ल्ड कप, टी-20 वर्ल्ड कप, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंट में सफलता हासिल नहीं पाई।

कोच रवि शास्त्री की सबसे बड़े को लेकर आकाश चोपड़ा ने क्या कहा ?

अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर आकाश चोपड़ा ने कहा कि, “रवि शास्त्री को इसके बाद भारतीय कोच के रूप में नहीं देखा जाएगा। यदि आप विश्व कप या ICC आयोजनों के बारे में बात करते हैं, तो आप तीन में से कम से कम एक ट्रॉफी जीत सकते थे, चाहे वह 2019 वनडे वर्ल्ड कप हो या WTC या यह विश्व कप। यदि आप तीन विश्व कप खेलते हैं और उनमें से एक भी नहीं जीतते हैं और आप एक में भी क्वालिफाई नहीं करते हैं, तो यह बात शास्त्री को हमेसा कांटे की तरह चुभ सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि, “मुझे लगता है कि भारत सफेद गेंद वाले क्रिकेट में बेहतर कर सकता था। हमने बार-बार द्विपक्षीय श्रृंखला जीती, चाहे वह ODI हो या टी-20। लेकिन रवि शास्त्री ने जो एक चीज विरासत नहीं छोड़ी, वह यह थी कि टीम ने अब तक अलग ब्रांड का क्रिकेट खेलना नहीं शुरू किया।  उन्होंने बहुत अच्छी टेस्ट टीम बनाई। भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया गई और उन्हें दो बार हराया, ऐसा पहले किसी ने नहीं किया था। हमने इंग्लैंड में अच्छा खेला। “

हालांकि, चोपड़ा ने भारत को एक शानदार टेस्ट टीम बनाने के लिए शास्त्री की सराहना की, क्योंकि भारत ने खेल के सबसे लंबे प्रारूप में उनके नेतृत्व में काफी सफलता हासिल की। चोपड़ा ने कहा कि, “उन्होंने बहुत अच्छी टेस्ट टीम बनाई। भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया गई और उन्हें दो बार हराया, ऐसा पहले किसी ने नहीं किया था। हमने इंग्लैंड में अच्छा खेला।”