पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को 34 साल पुराने रोडरेज केस पर 1 साल के लिए हुई सजा
साल 1983 में भारत के लिए डेब्यू करने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने लगभग 16 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है।
अद्यतन - मई 19, 2022 5:04 अपराह्न

19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को 34 साल पुराने रोडरेज मामले में 1 साल की सजा सुनाई। बता दें कि 27 दिसंबर, 1988 को सिद्धू पटियाला में कार से जाते समय बुजुर्ग गुरनाम सिंह से भिड़ गए थे। गुस्से में सिद्धू ने उन्हें मुक्का मारा जिसके बाद गुरनाम सिंह की मौत हो गई थी।
इसी मामले पर न्याय पीठ न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति एस के कौल ने सिद्धू पर IPL की धारा 304A के तहत आरोप लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है जो हत्या के बराबर है।
कोर्ट ने उनपर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया था
बता दें कि चार साल पहले 2018 में सिद्धू पर जानबूझकर बुजुर्ग व्यक्ति को चोट पहुंचाने के आरोप का दोषी ठहराया गया था। लेकिन अदालत ने उन्हें गैर इरादतन हत्या के आरोपों से बरी कर दिया था। कोर्ट ने उनपर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया था। बता दें कि, पटियाला के सेशन कोर्ट में जब ये केस पहुंचा , तो उस समय के जज ने सितंबर 1999 को सिद्धू और उनके सहयोगी को मामले में सबूतों के अभाव और संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया था।
इसके बाद पीड़ित परिवार ने फैसले को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 2006 में सिद्धू को मामले में दोषी ठहराया और 3 साल कैद की सजा सुनाई। उसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू का यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। टाइम्स ऑफ इंडिया की माने तो, सिद्धू की कैद को 3 साल से कम करके अब 1 साल के लिए कर दिया गया है।
नवजोत सिंह सिद्धू ने भारत के लिए 51 टेस्ट और 136 वनडे मुकाबले खेले हैं
नवजोत सिंह सिद्धू ने भारत के लिए 16 साल तक खेला है। उन्होंने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 1983 में किया था। उन्होंने भारत के लिए 51 टेस्ट और 136 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने क्रमश 3202 और 4413 रन बनाए हैं। सभी फॉर्मेट को मिलाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 15 शतक और 48 अर्धशतक जड़े हैं।
सिद्धू ने 157 फर्स्ट क्लास मुकाबले और 205 लिस्ट ए मुकाबले भी खेले हैं जिसमें उन्होंने 16657 रन बनाए हैं। उनके नाम (फर्स्ट क्लास और लिस्ट ए मुकाबलों में)37 शतक और 105 अर्धशतक भी शामिल है।
खेल से संन्यास के बाद सिद्धू पॉलिटिक्स में आ गए और कांग्रेस का प्रचार जोरों शोरों से करने लगे। उन्होंने हाल ही में पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।