माइकल हसी ने ठुकराया इंग्लैंड का बल्लेबाजी कोच ऑफर, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में जारी रखेंगे सेवाएं
माइकल हसी के इनकार के बाद इंग्लैंड को नए बल्लेबाजी कोच की तलाश
अद्यतन - सितम्बर 2, 2026 2:58 अपराह्न

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज माइकल हसी (Michael Hussey) ने इंग्लैंड टेस्ट टीम के बल्लेबाजी कोच बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। 51 वर्षीय हसी ने इंग्लैंड के साथ फुल-टाइम जिम्मेदारी लेने के बजाय, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के साथ पार्ट-टाइम कंसल्टेंसी की भूमिका चुनने का फैसला किया है।
हसी के इस फैसले को इंग्लैंड के नए टेस्ट मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। फ्लेमिंग अपनी नई कोचिंग टीम तैयार कर रहे हैं, और उन्होंने हसी को बल्लेबाजी कोच की जिम्मेदारी के लिए संपर्क किया था।
इंग्लैंड के कोच बनने से क्यों किया इनकार?
रिपोर्ट्स के अनुसार, माइकल हसी अपने काम में लचीलापन बनाए रखना चाहते हैं। इंग्लैंड के साथ स्थायी और फुल-टाइम भूमिका स्वीकार करने पर उन्हें फ्रेंचाइजी क्रिकेट और ब्रॉडकास्टिंग से जुड़े अपने कई काम छोड़ने पड़ सकते थे।
हसी फिलहाल ऐसी भूमिका चाहते हैं, जिसमें वह अलग-अलग क्रिकेट गतिविधियों से जुड़े रह सकें। इसी वजह से उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ पार्ट-टाइम कंसल्टेंसी को प्राथमिकता दी।
गौरतलब है कि स्टीफन फ्लेमिंग और माइकल हसी एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं। दोनों ने चेन्नई सुपर किंग्स के साथ कई सालों तक काम किया है। हसी पहले CSK के लिए खिलाड़ी रहे और बाद में बल्लेबाजी कोच की भूमिका भी निभाई।
इसी पुराने और मजबूत रिश्ते के कारण माना जा रहा था कि फ्लेमिंग आसानी से हसी को इंग्लैंड के कोचिंग स्टाफ में शामिल कर सकते हैं। लेकिन हसी के इनकार के बाद, इंग्लैंड को अब नया बल्लेबाजी कोच तलाशना होगा।
इंग्लैंड के सामने बढ़ी चुनौती
फिलहाल इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज मार्कस ट्रेस्कोथिक अस्थायी रूप से बल्लेबाजी कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इंग्लैंड को आने वाले समय में दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है। इसके बाद टीम को घरेलू मैदान पर एशेज सीरीज भी खेलनी है। ऐसे में स्टीफन फ्लेमिंग जल्द ही स्थायी बल्लेबाजी कोच की नियुक्ति करना चाहेंगे।
माइकल हसी के फैसले से इंग्लैंड के कोचिंग स्टाफ में एक अहम जगह खाली रह गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इंग्लैंड नया बल्लेबाजी कोच चुनता है या फिर मार्कस ट्रेस्कोथिक को ही यह जिम्मेदारी स्थायी रूप से सौंपता है।
ये भी पढ़ें – प्रभसिमरन सिंह का बल्ला गरजा, 47 गेंदों में ठोके नाबाद 125 रन; जालंधर ने 265 रनों का पहाड़ जैसा टारगेट किया आसानी से पार