पुनीत बिष्ट की इन बातों को सुनकर आप भी विराट के जज्बे को करेंगे सलाम - क्रिकट्रैकर हिंदी

पुनीत बिष्ट की इन बातों को सुनकर आप भी विराट के जज्बे को करेंगे सलाम

उस मैच में विराट कोहली ने खेली थी 90 रनों की पारी।

Virat Kohli. (Photo Source: BCCI)
Virat Kohli. (Photo Source: BCCI)

चार मार्च से मोहाली के स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ खेले जाने वाला टेस्ट मैच भारतीय दिग्गज विराट कोहली के लिए बतौर खिलाड़ी उनका 100वां टेस्ट मैच होगा। इस बड़े मैच से पहले कोहली के पूर्व रणजी ट्रॉफी टीम के साथी पुनीत बिष्ट ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने 2006 की उस सुबह को याद करते हुए एक बड़ी बात बताई, जिस दिन विराट ने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया था।

दरअसल कर्नाटक के खिलाफ दिल्ली के रणजी ट्रॉफी मैच का तीसरा दिन था। विकेटकीपर-बल्लेबाज पुनीत (तब 19 वर्ष) जो दूसरे दिन के अंत में कोहली के साथ क्रीज पर थे, पहली पारी में टीम के खराब शुरुआत के बाद अपनी टीम को फिर से संभालने के बारे में सोचकर ड्रेसिंग रूम में प्रवेश किया। हालांकि, जैसे ही वो अंदर पहुंचे ड्रेसिंग रूम में एक दम सन्नाटा पसरा हुआ था।

हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से पुनीत बिष्ट ने कहा कि, “मैं आज तक उस दिन को याद कर सोचता हूं कि विराट में इतनी हिम्मत कहां से आई थी। वो बल्लेबाजी के लिए तैयार हो रहे थे। पिता का अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ था फिर भी वो बल्लेबाजी के लिए तैयार थे। दरअसल, वो चाह रहे थे कि उनके जाने से टीम को एक बल्लेबाज की कमी न हो। इसलिए उन्होंने आगे भी खेलने का फैसला किया।’’

कप्तान और कोच के बोलने के बावजूद विराट घर नहीं गए- पुनीत बिष्ट

पुनीत ने उस पारी को याद करते हुए कहा, ‘‘कोहली के दिल में दर्द था और दिमाग में रन। वो उसके बाद लगातार बेहतरीन शॉट खेल रहे थे। कोहली हमेशा कहते थे कि हमें लंबी पारियां खेलनी हैं। आउट नहीं होना है। विराट में अभी भी बदलाव नहीं आया है। उनकी ऊर्जा और आक्रामकता अभी भी शानदार है।’’

बता दें कि उस समय दिल्ली के कप्तान मिथुन मन्हास और कोच चेतन चौहान ने कोहली को वापस घर लौटने के लिए कहा था। पुनीत ने आगे कहा कि, ‘‘चेतन सर हमारे कोच थे। उन्होंने मिथुन भाई से बात की। फिर कोहली को घर लौटने के लिए कहा। सबको ऐसा लग रहा था कि विराट कम उम्र में इस सदमे को नहीं झेल पाएगा।

उसके लिए यह आसान नहीं होगा। कोच और कप्तान के अलावा सभी खिलाड़ियों की यही राय थी कि विराट को घर लौटना चाहिए। लेकिन वो अलग ही मिट्टी के बने थे। वो क्रीज पर डटे रहे और मैच खेला।’’

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