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गौतम गंभीर का पहला प्यार जान रह जाएंगे दंग, इसका अब तक है दु:ख

शहीदों के बच्चों का रखते हैं ध्यान

Gautam Gambhir
Gautam Gambhir (Photo by Matthew Lewis/Getty Images)

कुछ महीने पहले गौतम गंभीर ने बल्ला टांगने का फैसला लिया। पिछले कुछ समय से वे बाहर चल रहे थे और उनकी टीम इंडिया में वापसी की कोई संभावना नजर नहीं आ रही थी। होशियार गौतम यह बात ताड़ गए और उन्होंने क्रिकेट को अलविदा करने का फैसला ले लिया।

गौतम ने भारत को दो विश्व कप (2007 में विश्व टी20 और 2011 में वनडे विश्व कप) खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई है और आज तक उनके इस योगदान को क्रिकेट प्रेमी याद करते हैं। हाल ही में गंभीर ने एक किताब के विमोचन के दौरान अपने पहले प्यार के बारे में बात की।

गौतम ने बताया कि सेना उनका पहला प्यार था लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। नियति ने गंभीर को क्रिकेटर बना दिया, लेकिन इससे उनका अपने पहले प्यार के प्रति लगाव कतई कम नहीं हुआ है। सेना के प्रति वही जुनून अभी भी कायम है। गौतम ने कहा कि शहीदों के बच्चों की मदद करने वाले एक फाउंडेशन के जरिये उन्होंने इस प्रेम को जीवंत रखा है।

गंभीर ने बताया कि अगर मैं 12वीं की पढ़ाई करते हुए रणजी ट्राफी में नहीं खेला होता तो मैं निश्चित तौर पर एनडीए में जाता क्योंकि वह मेरा पहला प्यार था और यह अब भी है। मुझे जिंदगी में केवल इसी बात का अफसोस है कि मैं सेना में नहीं जा पाया।

गंभीर एक प्रशंसनीय काम कर रहे और इसके जरिये वे अपने पहले प्यार के प्रति कुछ योगदान दे रहे हैं। उनका एक फाउंडेशन है जो शहीदों के बच्चों का ख्याल रखता है। गंभीर ने कहा कि आने वाले समय में वह अपने फाउंडेशन को विस्तार देंगे। हम अभी 50 बच्चों को प्रायोजित कर रहे हैं और यह संख्या बढ़ाकर 100 करने वाले हैं।

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