‘यूज एंड थ्रो’ जैसा व्यवहार क्यों…हरभजन सिंह ने BCCI पर की सवालों की बौछार
हरभजन सिंह ने पूछा आखिर 2011 विश्व कप विजेता खिलाड़ियों को एक-एक करके टीम से क्यों हटाया गया?
अद्यतन - Feb 3, 2022 5:08 pm

भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने एक बार फिर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से अपनी नाराजगी जाहिर की और बीसीसीआई पर टीम में भेदभाव किये जाने का आरोप भी लगाया हैं। उन्होंने कहा बीसीसीआई (BCCI) के कुछ अधिकारियों के कारण भारतीय क्रिकेट टीम में एकजुटता नहीं बन पाई।
हरभजन सिंह ने BCCI के अधिकारियों पर पक्षपात को बढ़ावा देने और मुंबई के वानखेड़े में श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए ऐतिहासिक विश्व कप 2011 फाइनल जीतने वाले खिलाड़ियों के करियर को खराब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बीसीसीआई को सरकार कहकर संबोधित भी किया।
पूर्व ऑफ स्पिनर ने इस बात पर सवाल उठाया की आखिर क्यों 2011 विश्व कप विजेता खिलाड़ी युवराज सिंह, जिन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था, गौतम गंभीर, जिन्होंने फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाये थे, वीरेंद्र सहवाग और खुद उन्हें 2015 विश्व कप में खेलने का मौका नहीं दिया गया जबकि वे सभी उस समय युवा थे। उन्होंने पूछा 2011 विश्व कप जीतने के बाद ये सभी खिलाड़ी बेकार हो गए थे?
हरभजन सिंह ने BCCI पर की सवालों की बौछार
हरभजन सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा की सारा देश जानता है कि वे BCCI अधिकारी क्या कर रहे थे, और उस समय भारतीय क्रिकेट में क्या हो रहा था। एक तरफ एक ग्रुप भारत के लिए खेल रहा था, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ खिलाडियों को नजरअंदाज किया जा रहा था। उन्होंने आगे पूछा अगर वे 2011 विश्व कप जीतने के लिए अच्छे खिलाड़ी थे, तो उसके बाद उस टीम के खिलाड़ियों को एक भी मैच क्यों नहीं खेलने दिया गया? क्या वह टीम सिर्फ विश्व कप जीतने के लिए अच्छी थी और उसके बाद खराब हो गई?
उन्होंने आगे पूछा क्या 31 वर्षीय हरभजन सिंह, 30 वर्षीय युवराज सिंह, 32 वर्षीय वीरेंद्र सहवाग, 29 वर्षीय गौतम गंभीर 2015 की विश्व कप टीम में खेलने के लायक नहीं थे? हरभजन सिंह ने आगे सवाल किया आखिर उन्हें एक-एक करके टीम से क्यों हटाया गया? उनके साथ ‘यूज एंड थ्रो’ जैसा व्यवहार क्यों किया गया?
यह भारतीय क्रिकेट की एक दुखद कहानी है। हरभजन सिंह ने कहा उन्हें नहीं पता फिलहाल भारतीय टीम में क्या हो रहा हैं, लेकिन 2011 तक बहुत से लोगों ने उनकी मदद की, तो बहुतों ने उनकी टांग भी नीचे खींची। पूर्व ऑफ स्पिनर ने अंत में यह भी बताया कि 2012 के बाद से उन्हें टीम इंडिया से पूरी तरह से बाहर निकालने के लिए बहुत लोगो ने अपनी जी जान लगा दी थी और वे कामयाब भी रहे।