रवींद्र जडेजा को लेकर एमएस धोनी की भविष्यवाणी हुई सही साबित, पूर्व कप्तान का सालों पुराना बयान हो रहा है वायरल
रवींद्र जडेजा ने काफी लंबे समय तक एमएस धोनी की कप्तानी में खेला है, और फिलहाल चेन्नई सुपर किंग्स के लिए उन्ही के तहत खेलते है।
अद्यतन - मार्च 11, 2022 6:34 अपराह्न

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा पिछले काफी समय से यकीनन अपने करियर के शीर्ष पर हैं, उन्होंने एक के बाद एक राष्ट्रीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन दिया है। हाल ही में टेस्ट ऑलराउंडरों के लिए आईसीसी टेस्ट रैंकिंग के चार्ट में शीर्ष में जगह बनाने से ज्यादा रवींद्र जडेजा फिलहाल भारतीय दिग्गज एमएस धोनी के उनको लेकर एक पुराने बयान के कारण ज्यादा चर्चा में है।
साल 2010 में भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा था कि भारत को 21-वर्षीय रवींद्र जडेजा के साथ धैर्य रखने की आवश्यकता होगी और क्रिकेटर को एक शानदार ऑलराउंडर में बदलने के लिए समर्थन किया था, जिसकी भारतीय टीम को बहुत ज्यादा जरूरत है।
आपको बता दें, धोनी के बयान के समय, रवींद्र जडेजा ने खुद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित नहीं किया था, और उनके नाम पर कई महत्वपूर्ण प्रदर्शन भी नहीं थे, इसलिए इस प्रकार की टिप्पणी पर किसी ने खास ध्यान नहीं दिया था, लेकिन अब उनकी भविष्यवाणी सही साबित हो गई है।
रवींद्र जडेजा को लेकर एमएस धोनी की भविष्यवाणी हुई सही साबित
एमएस धोनी ने साल 2010 में विक्रम चंद्रा को बताया था: “हमें धैर्य रखने की जरूरत है। एक दिन रवींद्र जडेजा वह ऑलराउंडर होगा जिसकी भारत को जरूरत है।”
धोनी के बयान के बाद जडेजा एक क्रिकेटर के रूप में अपनी यात्रा में केवल मजबूत और मजबूत होते गए, और आज भारतीय टीम के महत्वपूर्ण सदस्य है, जिन्हे टीम को बहुत ज्यादा जरुरत है। जडेजा के बिना खेल के किसी भी प्रारूप की टीम फिलहाल अधूरी है, उनका हर बड़े टूर्नामेंट में खेलना तय है।
आपको बता दें, जडेजा ने काफी लंबे समय तक धोनी की कप्तानी में खेला है – भारत और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) दोनों के लिए – और दिग्गज क्रिकेटर ने कप्तान होने के नाते स्टार ऑलराउंडर के उदय में बड़ी भूमिका निभाई है।
भारतीय क्रिकेट टीम में एक महत्वपूर्ण सदस्य होने के अलावा, सौराष्ट्र में जन्मे क्रिकेटर आईपीएल (IPL) में सबसे अधिक मांग वाले क्रिकेटरों में से एक है। 33 साल के ऑलराउंडर के शीर्ष पर पहुंचने के पीछे कई वर्षों से टेस्ट क्रिकेट में उनका लगातार प्रदर्शन मुख्य कारणों में से एक है।
वह क्रिकेट के तीनो प्रारूपों में टीम इंडिया के लिए अहम खिलाड़ी है, उनकी उपस्थिति मात्र ही टीम को सही संयोजन प्रदान करने में मदद करती है, और रही बात उनके गेंद और बल्ले के साथ प्रदर्शन की तो वो पिछले दो-तीन वर्षो से श्रेष्ठ ही रहा है। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ मोहाली टेस्ट के पहली पारी में 175* रन बनाकर कई रिकॉर्ड तोड़े, और साथ ही नौ विकेट भी चटकाए थे।