जोश हेजलवुड को लेकर मिचेल जॉनसन का बड़ा बयान

देश से पहले आईपीएल को चुनना गलत- हेजलवुड के फैसले से नाराज हुआ ये पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज 

WTC 2025 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग XI का हिस्सा थे जोश हेजलवुड

Josh Hazlewood (Photo Source: Getty Images)
Josh Hazlewood (Photo Source: Getty Images)

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन ने हमवतन जोश हेजलवुड की दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2025 फाइनल की बजाय इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को प्राथमिकता देने के लिए आलोचना की है। जॉनसन ने कहा कि हेजलवुड के इस फैसले से उनकी राष्ट्रीय टीम के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठ रहे हैं।

हेजलवुड का आईपीएल प्रदर्शन

हेजलवुड उन खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण आईपीएल 2025 के स्थगित होने के बाद दोबारा भारत लौटकर खेलने का फैसला किया। वे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए खेले, जो फाइनल में पहुंची और पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल खिताब जीता। हेजलवुड ने इस सीजन में 22 विकेट लिए, जिसमें फाइनल में पंजाब के सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य का अहम विकेट भी शामिल था।

डब्ल्यूटीसी फाइनल में हेजलवुड का प्रदर्शन

लॉर्ड्स में खेले गए डब्ल्यूटीसी फाइनल में हेजलवुड ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण का हिस्सा थे, लेकिन वे केवल दो विकेट ही ले सके। कप्तान पैट कमिंस ने उन्हें स्कॉट बोलैंड से पहले मौका दिया, लेकिन वे प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। दक्षिण अफ्रीका ने पांच विकेट से जीत हासिल कर डब्ल्यूटीसी खिताब अपने नाम किया।

जॉनसन की टिप्पणी

‘वेस्ट ऑस्ट्रेलियन’ में अपने कॉलम में जॉनसन ने लिखा, “हेजलवुड की फिटनेस हाल के वर्षों में चिंता का विषय रही है। राष्ट्रीय टीम की तैयारियों के बजाय स्थगित आईपीएल में वापसी को प्राथमिकता देना हैरान करने वाला है।” जॉनसन, जो खुद आईपीएल के छह सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स, किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके हैं, ने हेजलवुड के फैसले पर सवाल उठाए।

गेंदबाजी क्रम पर सवाल

जॉनसन ने ऑस्ट्रेलिया के ‘बिग फोर’ गेंदबाजी आक्रमण—मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, पैट कमिंस और नाथन लियोन—के भविष्य पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “इन अनुभवी गेंदबाजों को लगातार मौके मिल रहे हैं, लेकिन अगर वे सिर्फ एशेज जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए खेल रहे हैं, तो यह सही मानसिकता नहीं है। हमें भविष्य के टेस्ट खिलाड़ियों पर भरोसा जताना होगा और नए चेहरों को मौका देना होगा।”

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