इंग्लैंड के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी को ड्रॉप करने पर भड़का पूर्व कप्तान, बोले- गंभीर ने आखिर ऐसा फैसला क्यों लिया?
इंग्लैंड सीरीज में ड्रॉप होने के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ बल्ले से दिया जवाब, श्रीकांत ने गंभीर की रणनीति पर उठाए सवाल
अद्यतन - जुलाई 25, 2026 5:58 अपराह्न

भारत के पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान टीम से बाहर किए जाने के फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर के इस फैसले को गलत बताते हुए कहा कि सिर्फ तीन मैचों में कम स्कोर के आधार पर किसी युवा खिलाड़ी का आत्मविश्वास नहीं तोड़ना चाहिए।
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। उनकी तूफानी पारी की बदौलत भारत ने 7 विकेट से आसान जीत दर्ज की। इस पारी के साथ वैभव पुरुष अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए।
इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव ने अपनी पहली तीन पारियों में 14, 13 और 15 रन बनाए थे। इसके बाद उन्हें पांचवें और आखिरी मैच से बाहर कर दिया गया था और उनकी जगह संजू सैमसन को टीम में शामिल किया गया। इसी फैसले पर श्रीकांत ने सवाल उठाए हैं।
वैभव की मेहनत और जज्बे की जमकर तारीफ
श्रीकांत ने कहा कि वैभव ने शुरुआती असफलताओं के बाद हार नहीं मानी। इंग्लैंड सीरीज खत्म होने के बाद वह घर जाने की बजाय सीधे राजस्थान रॉयल्स के कैंप में पहुंचे और अपनी बल्लेबाजी पर लगातार मेहनत की। खासकर शॉर्ट गेंदों के खिलाफ अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने काफी अभ्यास किया।
पूर्व कप्तान ने कहा कि जिम्बाब्वे के खिलाफ वैभव ने डरकर नहीं, बल्कि अपने स्वाभाविक आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 18 गेंदों की पारी में चार चौके और चार छक्के लगाए और 260 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। श्रीकांत का मानना है कि ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती नाकामी के बाद भी लगातार मौके मिलने चाहिए, ताकि उनका आत्मविश्वास बना रहे।
वैभव की इस शानदार पारी ने साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर सफल होने की क्षमता है। अब उनसे उम्मीद होगी कि वह बाकी मैचों में भी इसी लय को बरकरार रखते हुए भारत के लिए अहम योगदान दें और अपनी जगह को और मजबूत करें।