आकाश चोपड़ा सचिन तेंदुलकर Aakash Chopra Sachin Tendulkar

“मैंने पहली बार पाजी को इतना गुस्से में देखा था”- मुल्तान टेस्ट में 194* के बाद कुछ ऐसा था सचिन का रिएक्शन

भारत और पाकिस्तान के बीच साल 2004 में खेले गए मुल्तान टेस्ट में सचिन तेंदुलकर 194 रन बनाकर नाबाद थे।

Aakash Chopra and Sachin Tendulkar. (Source - Twitter/X)
Aakash Chopra and Sachin Tendulkar. (Source – Twitter/X)

पाकिस्तान और भारत के बीच 2004 के मुल्तान टेस्ट मैच को आमतौर पर भारत के पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की 309 रनों की बेहतरीन पारी के लिए याद किया जाता है। यह पहली बार था जब किसी भारतीय बल्लेबाज ने टेस्ट मैच में तिहरा शतक बनाया था। हालांकि इस मैच में एक और विवादित पल आया जिसने फैंस का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया।

उस मैच में जब मेहमान टीम 675/5 के विशाल स्कोर पर बल्लेबाजी कर रही थी, तब टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर 194 रन बनाकर नाबाद थे। हालांकि, इसी समय कप्तान राहुल द्रविड़ ने पारी घोषित करने का फैसला किया और तेंदुलकर छह रन से अपना दोहरा शतक बनाने से चूक गए। द्रविड़ के इस फैसले पर सचिन थोड़ा नाखुश दिखे थे। जिसके बाद फैंस को भी लगने लगा था कि दो दिग्गज क्रिकेटरों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।

मैंने पहली बार सचिन को इतना गुस्से में देखा था- आकाश चोपड़ा

टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने यूट्यूब चैनल 2 स्लॉगर्स पर उस मैच के किस्से का जिक्र करते हुए बताया कि, उस वक्त मैं भी ड्रेसिंग रूम में मौजूद था और सचिन पाजी उस दिन ज्यादा खुश नहीं दिखाई दे रहे थे। हालांकि मैं उस बातचीत का हिस्सा नहीं था और न मैंने ज्यादा कोशिश की थी, क्योंकि मैं बहुत छोटा था। मैंने पहली बार पाजी को इतना गुस्से में देखा था, इससे पहले मैंने उनको गुस्से में अपना आपा खोते हुए नहीं देखा था। हालांकि उन्होंने इतने गुस्से में भी अपना आपा नहीं खोया था। लेकिन वे बिल्कुल भी खुश नहीं थे, उस वक्त कुछ ठीक नहीं था।

इसके अलावा, चोपड़ा ने यह भी खुलासा किया कि पारी घोषित करने का फैसला अकेले द्रविड़ का नहीं बल्कि पूरी टीम का था। उन्होंने यह भी कहा कि मैच का हिस्सा नहीं होने के बावजूद सौरव गांगुली ड्रेसिंग रूम में थे और उन्होंने टीम मैनेजमेंट को ये निर्णय लेने में मदद की।

आकाश चोपड़ा ने कहा कि पारी घोषित करने का जो निर्णय लिया गया था वो केवल राहुल द्रविड़ का नहीं हो सकता था, बल्कि टीम मैनेजमेंट द्वारा लिया गया हो सकता है। वहीं इसको लेकर राहुल द्रविड़ ने कहा था कि अगर उनको पता होता कि मैच चार दिन के अंदर खत्म हो जाएगा तो वे कभी पारी घोषित नहीं करते।

 

 

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