वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के दौरान बड़ी गलती करने वाले युवा लेग स्पिनर ने बताया आखिर क्यों हुआ ऐसा
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी-20 मुकाबले के साथ रवि बिश्नोई ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की है।
अद्यतन - फरवरी 17, 2022 1:57 अपराह्न

भारत और वेस्टइंडीज के बीच में 3 मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला 16 फरवरी को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला गया। इस मैच में युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला। जिसका उन्होंने दोनों हाथों से भरपूर लाभ उठाते हुए शानदार प्रदर्शन किया और सभी को प्रभावित भी करने का काम किया। बिश्नोई ने अपनी गेंदबाजी से वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। हालांकि युवा गेंदबाज से मैच के 7वें ओवर में एक गलती भी हुई। जिसको लेकर उन्होंने बाद में स्वीकार करते हुए बयान भी दिया।
इस मुकाबले में वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के बल्लेबाज निकलस पूरन ने शानदार 61 रनों की पारी खेली। उनकी इस अर्धशतकीय पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने अपने स्कोर को 157 रन तक पहुंचाया। वेस्टइंडीज की टीम काफी पहले सिमट जाती लेकिन बिश्नोई ने 7वें ओवर में पूरन का शानदार कैच तो पकड़ा लेकिन संतुलन गंवाने की वजह से उनका पैर बाउंड्री के अंदर चला गया। उस दौरान पूरन 8 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे।
मैच के हीरो रहे इस युवा स्पिनर ने उस गलती के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। जैसे ही 21 वर्षीय ने अपनी भावनाओं पर काबू पाया उसके बाद इस युवा स्पिनर ने कैरेबियाई बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने मैच में दो अहम विकेट हासिल किये। मैच के बाद बिश्नोई ने अपने बयान में कहा “मुझे लगा पीछे और जगह है इस वजह से मैं अतिरिक्त कदम पीछे चला गया।”
“भारत के लिए खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है”- बिश्नोई
मैच के बाद 21 वर्षीय रवि बिश्नोई ने अपने बयान में कहा कि, “मैं शुरुआत में थोड़ा नर्वस और उत्साहित था। अब मैं बिल्कुल ठीक हूं। मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा था, भारतीय टीम के लिए खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। मैं पूरन के लिए स्टंप-टू-स्टंप गेंदबाजी करने की कोशिश कर रहा था। मैं उनको जगह नहीं दे रहा था क्यूंकि उनके पास बाउंड्री तक गेंद मारने की ताकत है।”
इस 21 वर्षीय गेंदबाज ने अपने पहले टी-20 मुकाबले में 2 ओवर में सिर्फ 17 रन दिए। उन्होंने मैच में वेस्टइंडीज को दो धाकड़ बल्लेबाज रोस्टन चेज (4 रन) और रोवमन पॉवेल (2 रन) को एक ही ओवर में पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। वेस्टइंडीज 157 रन ही बना सकी। इस लक्ष्य का पीछा करने में भारतीय टीम को थोड़ा संघर्ष जरूर करना पड़ा लेकिन टीम ने अंत में 18.5 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर जीत हासिल कर ली।