महिला क्रिकेटर्स की प्रेग्नेंसी के बाद क्रिकेट में वापसी पर ICC ने उठाया बड़ा कदम, जारी की 6 चरणों वाली गाइडलाइंस
महिला क्रिकेट के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में आईसीसी का अहम और दूरदर्शी कदम
अद्यतन - जून 22, 2026 7:55 अपराह्न

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने महिला क्रिकेटरों के लिए एक नई पहल शुरू की है। आईसीसी ने ‘रिटर्न टू प्ले पोस्ट-प्रेग्नेंसी गाइडलाइंस’ जारी की हैं, जिनका उद्देश्य प्रेग्नेंसी के बाद खिलाड़ियों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से क्रिकेट में वापसी करने में मदद करना है। बढ़ती पेशेवर प्रतिस्पर्धा के बीच यह कदम महिला खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन दिशा-निर्देशों को आईसीसी की मेडिकल एडवाइजरी कमेटी ने तैयार किया है। इस समिति का नेतृत्व ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम की डॉक्टर डॉ. फिलिपा इंग ने किया। आईसीसी ने खिलाड़ियों की वापसी के लिए छह चरणों वाला मॉडल बनाया है। इसमें रेडी, रिव्यू, रिस्टोर, रिकंडीशन, रिटर्न और रिफाइन जैसे चरण शामिल हैं।
इस मॉडल के जरिए खिलाड़ी की शारीरिक और मानसिक स्थिति का आकलन किया जाएगा और धीरे-धीरे उसे दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के लिए तैयार किया जाएगा। इससे वापसी की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनेगी।
हर खिलाड़ी को मिलेगा व्यक्तिगत सहयोग
नई गाइडलाइंस के तहत हर क्रिकेट बोर्ड को एक केस मैनेजर नियुक्त करने की सलाह दी गई है। यह व्यक्ति गर्भावस्था के दौरान और उसके बाद खिलाड़ी के लिए मुख्य संपर्क अधिकारी की भूमिका निभाएगा।
इसके अलावा खिलाड़ियों को लचीला प्रशिक्षण माहौल, यात्रा सहायता, बच्चे की देखभाल से जुड़ी सुविधाएं और जरूरी चिकित्सा सहायता देने की भी सिफारिश की गई है। आईसीसी का मानना है कि मां और बच्चे दोनों की भलाई को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
आईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि गर्भावस्था की घोषणा करने का अधिकार पूरी तरह खिलाड़ी के पास होगा। बोर्ड या टीम प्रबंधन उसकी ओर से कोई घोषणा नहीं करेगा। साथ ही, गर्भावस्था और वापसी की प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ी और टीम प्रबंधन के बीच नियमित बातचीत की भी सिफारिश की गई है।
आईसीसी का मानना है कि मां बनना किसी खिलाड़ी के करियर का अंत नहीं होना चाहिए। नई गाइडलाइंस महिला क्रिकेटरों को यह भरोसा देंगी कि वे परिवार और क्रिकेट दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सकती हैं। यह कदम महिला क्रिकेट को और अधिक समावेशी और खिलाड़ी-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।