चेन्नई टेस्ट में छह विकेट लेते ही रवींद्र जडेजा रच देंगे इतिहास, कपिल देव और अश्विन के क्लब में होंगे शामिल
टेस्ट क्रिकेट में 294 विकेट ले चुके हैं रवींद्र जडेजा।
अद्यतन - सितम्बर 17, 2024 12:12 अपराह्न

भारत बनाम बांग्लादेश दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 19 सितंबर (गुरुवार) से होने जा रहा है। पहला मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। दुनिया के नंबर वन टेस्ट ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद पहली बार एक्शन में दिखेंगे। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके जडेजा बांग्लादेश सीरीज में एक दमदार रिकॉर्ड अपने नाम करना चाहेंगे। वह 6 विकेट लेते ही बड़ा कारनामा अंजाम देंगे और कपिल देव, आर अश्विन के धाकड़ क्लब में एंट्री करेंगे।
दरअसल, जडेजा टेस्ट मैचों में 3000 रन बनाने और 300 विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय क्रिकेटर बनने से बस कुछ कदम दूर हैं। उन्होंने अब तक 72 टेस्ट मैचों में 3036 रन बनाए और 294 विकेट लिए हैं। जडेजा ने दिसंबर 2012 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। भारत को 1983 वर्ल्ड कप खिताब दिलाने वाले कपिल ने 131 टेस्ट मैचों में 5248 रन बनाए और 434 विकेट झटके। वहीं, अश्विन अब तक 100 टेस्ट में 3309 रन बनाने के साथ 516 विकेट ले चुके हैं।
जडेजा 6 विकेट लेने के बाद न सिर्फ कपिल-अश्विन के कल्ब में शामिल होंगे बल्कि एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर जाएंगे। वह 300 या उससे अधिक टेस्ट विकेट चटकाने वाले सातवें भारतीय गेंदबाज बन जाएंगे। उनसे पहले ऐसा अनिल कुंबले, हरभजन सिंह, जहीर खान, कपिल, अश्विन और ईशांत शर्मा ने किया था। बता दें कि भारतीय टीम ने जब दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेली थी तो जडेजा इस रिकॉर्ड को अपने नाम नहीं कर पाए थे। भारत ने उस सीरीज में बांग्लादेश का दो 2-0 से सूपड़ा साफ किया था।
भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज
619 – अनिल कुंबले
516 – आर अश्विन
434 – कपिल देव
417 – हरभजन सिंह
311 – जहीर खान
311 – ईशांत शर्मा
294 – रवींद्र जडेजा
आपको बता दें कि इस वक्त भारतीय खिलाड़ी बांग्लादेश सीरीज के लिए चेपॉक मैदान में ट्रेनिंग सेशन के दौरान जमकर पसीना बहा रहे हैं। सोमवार को जडेजा, विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत और तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने भी स्थानीय गेदबाजों और थ्रोडाउन विशेषज्ञों के खिलाफ जमकर बल्लेबाजी अभ्यास की। चेन्नई की पिच आमतौर पर स्पिनरों के लिए मददगार होती है। ऐसे में इस बात की काफी संभावना है कि भारतीय टीम तीन स्पिनरों और दो तेज गेंदबाजों के साथ पहले टेस्ट में खेलने उतरेगी।