मोहम्मद शमी की गैर-मौजूदगी पर मनोज तिवारी ने उठाए सवाल, कहा 'टीम के भीतर भरोसे की कमी'

मोहम्मद शमी की गैर-मौजूदगी पर मनोज तिवारी ने उठाए सवाल, कहा ‘टीम के भीतर भरोसे की कमी’

वरिष्ठ खिलाड़ी को बिना स्पष्ट जानकारी बाहर रखने पर चयनकर्ताओं की पारदर्शिता पर उठे गंभीर प्रश्न: तिवारी

Mohammed Shami (Image credit Twitter - X)
Mohammed Shami (Image credit Twitter – X)

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने टीम इंडिया के चयन और संवाद प्रणाली पर बड़ा सवाल उठाया है। उनका कहना है कि मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज को टीम से बाहर रखने पर चयनकर्ताओं ने न तो कोई स्पष्ट कारण दिया, और न ही खिलाड़ियों के साथ सही तरीके से संवाद किया।

शमी, जिन्होंने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के लिए संयुक्त रूप से सबसे अधिक विकेट लिए थे, तब से अब तक किसी भी फ़ॉर्मेट में टीम का हिस्सा नहीं बने हैं। वहीं घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। इस सीजन रणजी ट्रॉफी में उन्होंने सिर्फ चार मैचों में 20 विकेट लिए हैं।

शमी को बाहर रखने पर तिवारी ने चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए

मनोज तिवारी का कहना है कि इतने अच्छे प्रदर्शन के बावजूद शमी को टेस्ट और ऑस्ट्रेलिया दौरे की ODI टीम में शामिल न करना चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा – टीम के भीतर भरोसे और समझ की कमी दिखती है। शमी लगातार विकेट ले रहे हैं, फिर भी उन्हें न टेस्ट टीम में चुना गया और न ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम में।

इससे पहले मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा था कि पैनल के पास शमी की फिटनेस का कोई स्पष्ट अपडेट नहीं है। अगरकर के अनुसार, “हम जानते हैं शमी क्या कर सकते हैं, पर उन्हें नियमित क्रिकेट खेलना होगा।”

लेकिन तिवारी इस तर्क से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि फिटनेस अपडेट देना ट्रेनर और फिजियो का काम होता है, न कि खिलाड़ी को खुद स्पष्टीकरण देने के लिए छोड़ देना। उन्होंने कहा – अगर चयनकर्ता कहते हैं कि उनके पास फिटनेस अपडेट नहीं है, तो यह किसकी जिम्मेदारी है? कम से कम खिलाड़ी को फोन करके पूछ तो सकते थे।

तिवारी का मानना है कि शमी जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी, जिन्होंने सालों तक भारत के लिए योगदान दिया है, उनके साथ अधिक सम्मान और पारदर्शी संचार किया जाना चाहिए। शमी का अंतिम रेड बॉल मैच 2023 WTC फाइनल था, जिसके बाद से वह भारत की टेस्ट टीम से बाहर रहे हैं। इस स्थिति को लेकर कई पूर्व खिलाड़ी और फैंस भी चयन प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

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