'दूसरे T20I में इशान किशन की जगह ओपन कर सकते हैं ऋषभ पंत'- पूर्व भारतीय विकेटकीपर का दावा - क्रिकट्रैकर हिंदी

‘दूसरे T20I में इशान किशन की जगह ओपन कर सकते हैं ऋषभ पंत’- पूर्व भारतीय विकेटकीपर का दावा

भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला एजबेस्टन में खेला जाएगा।

Rishabh Pant
Rishabh Pant. (Photo Source: Twitter)

पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल का मानना ​​​​है कि एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ आगामी दूसरे T20I मैच के लिए एक सही प्लेइंग इलेवन का चयन करना भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए एक मुश्किल काम होगा। बता दें कि, तमाम सीनियर खिलाड़ी, जिन्हें टेस्ट मैच के बाद आराम दिया गया था वो सभी इस मैच से टीम के साथ जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को इशान किशन की जगह ओपन करने के लिए भेजा जा सकता है।

आपको बता दें कि, पहले T20I मैच में पूरी तरह से टीम इंडिया का दबदबा रहा था और भारतीय टीम 50 रनों से ये मुकाबला जीतने में कामयाब रही थी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत सहित कई प्रमुख खिलाड़ी अंतिम दो T20I मैच के लिए टीम में वापसी कर रहे हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट किस तरह से प्लेइंग इलेवन तैयार करती है।

ऋषभ पंत कर सकते हैं इस मैच में ओपनिंग- पार्थिव पटेल

इस बीच क्रिकबज के एक शो में बातचीत के दौरान पार्थिव पटेल ने कहा कि, ” दिनेश कार्तिक नंबर 1 फिनिशर रहे हैं, इशान किशन इस साल टी-20  में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे हैं और ऋषभ पंत ऋषभ पंत हैं। हालांकि आईपीएल उनके लिए अच्छा नहीं गया। वह एजबेस्टन टेस्ट से उस शतक और अर्धशतक से आत्मविश्वास लाएंगे। वह इशान किशन की जगह ओपनिंग कर सकते हैं और उन्हें टॉप ऑर्डर में कुछ मौके मिल सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “अक्षर पटेल की जगह रवींद्र जडेजा लेंगे। अर्शदीप सिंह की जगह जसप्रीत बुमराह भी आएंगे। मुझे लगता है कि श्रेयस अय्यर प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना पाएंगे। विराट कोहली और ऋषभ पंत दोनों वापसी कर सकते हैं, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि किसे बाहर रखा जाएगा।”

आपको बता दें कि, पार्थिव पटेल से पहले दिग्गज सुनील गावस्कर और वसीम जाफर भी ऋषभ पंत को बतौर ओपनर देखने की इच्छा जताई है। गावस्कर का मानना है कि ऋषभ पंत को सीमित ओवरों के प्रारूप में बल्लेबाजी क्रम में टॉप ऑर्डर में भेजा जाना चाहिए, जैसा कि ऑस्ट्रेलिया ने गिलक्रिस्ट के साथ किया था।