एक नहीं बल्कि इतने भारतीय खिलाड़ी है चोटिल, लिस्ट में बड़े नाम देखकर चौंक जाएंगे आप
बीसीसीआई के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया, खिलाड़ियों के रिहैबिलिटेशन मैनेजमेंट की समीक्षा करने के लिए 9 अगस्त (रविवार) को बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के क्रिकेट हेड वीवीएस लक्ष्मण से मुलाकात करेंगे।
अद्यतन - अगस्त 9, 2026 11:46 पूर्वाह्न

हाल के कुछ हफ्तों में टीम इंडिया को चोटों की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। घुटने में सूजन, हैमस्ट्रिंग फटने और स्ट्रेस फ्रैक्चर जैसी चोटों के कारण कई मुख्य खिलाड़ी टीम से बाहर चल रहे हैं हैं, जिसके चलते बीसीसीआई रिहैबिलिटेशन प्रोटोकॉल की सख्ती से समीक्षा भी कर रहा है।
अभी सीओई सेंटर में लगभग 10 से 13 बड़े खिलाड़ी ट्रीटमेंट करवा रहे हैं। चोटिल खिलाड़ियों की लिस्ट में मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (घुटने में सूजन) के साथ-साथ व्हाइट-बॉल ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (क्वाड्रिसेप्स), साई सुदर्शन (पैर के अंगूठे की चोट), हर्षित राणा (हैमस्ट्रिंग), नीतीश कुमार रेड्डी (हैमस्ट्रिंग) और वॉशिंगटन सुंदर (क्वाड्रिसेप्स) शामिल हैं। अभी रिहैब या रिकवरी से गुजर रहे अन्य खिलाड़ियों में आकाश दीप, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव भी शामिल हैं।
चोटिल भारतीय खिलाड़ियों की पूरी लिस्ट:
- हर्षित राणा – हैमस्ट्रिंग
- हार्दिक पांड्या – क्वाड्रिसेप्स में चोट/खिंचाव
- जसप्रीत बुमराह – घुटने में सूजन
- नीतीश रेड्डी – हैमस्ट्रिंग
- वॉशिंगटन सुंदर – क्वाड्रिसेप्स
- आकाश दीप – पीठ के निचले हिस्से में स्ट्रेस फ्रैक्चर
- साई सुदर्शन – पैर की उंगली में स्ट्रेस फ्रैक्चर
- शुभमन गिल – दाहिने हाथ की अनामिका (रिंग फिंगर) में चोट
- वरुण चक्रवर्ती – हैमस्ट्रिंग टियर
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने नेशनल टीम में खिलाड़ियों के चोटिल होने की बढ़ती समस्या पर तुरंत ध्यान दिया है। बीसीसीआई के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया, खिलाड़ियों के रिहैबिलिटेशन मैनेजमेंट की समीक्षा करने के लिए 9 अगस्त (रविवार) को बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के क्रिकेट हेड वीवीएस लक्ष्मण से मुलाकात करेंगे।
चोटों के मामलों में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने बेंगलुरु स्थित सीओई के कामकाज पर दबाव डाल दिया है। 2025 की शुरुआत में नितिन पटेल के इस्तीफे के बाद से इस सेंटर का स्पोर्ट्स साइंस विभाग बिना किसी स्थायी विभाग प्रमुख के चल रहा है, जिससे हाई-प्रोफाइल मामलों की बढ़ती संख्या के बीच मौजूदा मेडिकल और सपोर्ट स्टाफ पर काम का भारी बोझ पड़ गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रिहैबिलिटेशन की समय-सीमा और खिलाड़ियों की तैयारी को लेकर सीओई मेडिकल टीम और नेशनल सिलेक्शन कमिटी के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं। चिंताएं इस बात को लेकर भी हैं कि खिलाड़ियों को रिकवरी प्रोटोकॉल पूरी तरह से पूरा किए बिना ही खेलने की मंजूरी दे दी जाती है या जल्दबाजी में वापस बुला लिया जाता है; साथ ही कंडीशनिंग से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई हैं जैसे कि तेज गेंदबाज हर्षित राणा का इंग्लैंड दौरे पर पूरी तरह फिट न होने के बावजूद खेलना।